पश्चिमी सिंहभूम जिले से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। चाईबासा के घने सारंडा जंगल में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी (IED) विस्फोट हो गया। इस घटना में सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया है, जिसे तत्काल इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाया जा रहा है।
इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बलों की सतर्कता और बढ़ा दी गई है, वहीं पूरे क्षेत्र में सघन सर्च अभियान जारी है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ धमाका
मिली जानकारी के अनुसार, सारंडा क्षेत्र में सुरक्षाबल नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान जैसे ही जवानों की टीम आगे बढ़ी, रास्ते में पहले से प्लांट किया गया IED अचानक विस्फोट हो गया।
इस विस्फोट की चपेट में आने से एक जवान घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य जवानों ने स्थिति को संभाला और घायल जवान को प्राथमिक उपचार देने के बाद एयरलिफ्ट की व्यवस्था की गई।
घायल जवान को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया
घायल जवान की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है। एयर एम्बुलेंस के जरिए जवान को तेजी से रांची लाया जा रहा है, जहां उसका इलाज जारी रहेगा।
सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और घायल जवान की हालत पर लगातार अपडेट लिया जा रहा है।
नक्सलियों की साजिश: पहले से बिछाए गए थे IED
बताया जा रहा है कि सारंडा जंगल में सक्रिय नक्सलियों ने पहले से ही कई जगहों पर IED लगा रखे हैं, ताकि सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाया जा सके।
नक्सली घने जंगलों और दुर्गम इलाकों का फायदा उठा रहे हैं
ऑपरेशन को बाधित करने के लिए IED का इस्तेमाल बढ़ा है
सुरक्षा बलों को टारगेट करने की लगातार कोशिश
इस घटना ने एक बार फिर नक्सलियों की खतरनाक रणनीति को उजागर कर दिया है।
इलाके में सुरक्षा बलों का अभियान जारी
गौरतलब है कि सारंडा क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाकों में गिना जाता है, जहां पिछले कुछ समय से सुरक्षा बलों ने कई सफल ऑपरेशन किए हैं।
इलाके में सुरक्षा बलों का अभियान जारी
गौरतलब है कि सारंडा क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाकों में गिना जाता है, जहां पिछले कुछ समय से सुरक्षा बलों ने कई सफल ऑपरेशन किए हैं।
हाल के दिनों में:
कई नक्सली ठिकानों को ध्वस्त किया गया
हथियार और विस्फोटक बरामद हुए
कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया
इन्हीं कार्रवाइयों से बौखलाए नक्सली अब IED ब्लास्ट जैसे हमलों का सहारा ले रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
इस घटना के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा बलों को और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सर्च ऑपरेशन और तेज किया गया
संदिग्ध इलाकों की गहन जांच
IED डिटेक्शन टीम तैनात
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान किसी भी हाल में जारी रहेगा और इलाके को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा।
क्या है सारंडा जंगल की संवेदनशीलता?
सारंडा जंगल झारखंड का सबसे बड़ा वन क्षेत्र है और लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का गढ़ रहा है। यहां का भूगोल और घना जंगल नक्सलियों को छिपने और हमले करने में मदद करता है।