झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) में हुए चुनाव को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। चुनाव में कथित धांधली के आरोप अब BCCI के ओम्बुड्समैन सह एथिक्स अफसर रिटायर्ड जस्टिस अरुण मिश्रा तक पहुंच चुके हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एथिक्स अफसर ने JSCA को 4 सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है, जिससे क्रिकेट प्रशासन में हलचल मच गई है।
⚖️ क्या हैं आरोप?
शिकायत में कहा गया है कि:
- सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया गया
- लोढ़ा कमिशन की सिफारिशों को नजरअंदाज किया गया
- चुनाव प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितताएं हुईं
👉 सबसे बड़ा आरोप यह है कि
करीब तीन दर्जन सदस्यों को अवैध तरीके से वोटर बनाया गया, जिससे चुनाव प्रभावित हुआ।
🧾 एथिक्स अफसर ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान एथिक्स अफसर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा:
- JSCA को 4 हफ्ते में जवाब देना होगा
- जरूरत पड़ने पर एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है
यह नोटिस शिकायत और रिमाइंडर के आधार पर जारी किया गया है।
🗓️ कब हुई थी शिकायत?
👉 JSCA सदस्य नंदू पटेल ने:
- 14 अक्टूबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी
- 28 फरवरी 2026 को रिमाइंडर भेजा
इसके बाद अब जाकर BCCI एथिक्स अफसर ने इस पर कार्रवाई शुरू की है।
🏏 चुनाव में कौन बना था विजेता?
मई 2025 में हुए JSCA चुनाव में:
- अजय नाथ शहदेव अध्यक्ष चुने गए
- पूर्व क्रिकेटर सौरभ तिवारी महासचिव बने
लेकिन चुनाव के दौरान ही विवाद शुरू हो गया था।
⚠️ हाईकोर्ट में भी मामला लंबित
इस पूरे मामले को लेकर:
- उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी नंदू पटेल ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
- चुनाव में धांधली समेत कई मुद्दों पर केस अभी भी विचाराधीन है
🎭 “अजब सियासत का गजब खेल”
इस पूरे विवाद को लेकर क्रिकेट और राजनीति के बीच संबंधों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कभी चर्चा में रहने वाला यह मुद्दा अब फिर से सुर्खियों में है, लेकिन सवाल वही—क्या चुनाव निष्पक्ष थे?
📢 निष्कर्ष
JSCA चुनाव विवाद अब BCCI के उच्च स्तर तक पहुंच चुका है। आने वाले 4 हफ्तों में JSCA का जवाब इस मामले की दिशा तय करेगा। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो झारखंड क्रिकेट प्रशासन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।