झारखंड के धनबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां अवैध कोयला खनन के कारण भू-धंसान ने तीन लोगों की जान ले ली। यह हादसा बाघमारा प्रखंड के सोनारडीह टंडाबारी बस्ती में मंगलवार शाम हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहशत और शोक में डुबो दिया।
🔴 कैसे हुआ हादसा?
मंगलवार शाम अचानक जमीन धंसने लगी और देखते ही देखते मिट्टी से बने तीन घर पूरी तरह जमींदोज हो गए। इस दौरान घरों के अंदर मौजूद तीन लोग मलबे में दब गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में लंबे समय से अवैध कोयला उत्खनन हो रहा था, जिसके कारण जमीन अंदर से खोखली हो चुकी थी। इसी वजह से यह बड़ा हादसा हुआ।
⚫ तीन लोगों की गई जान
रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार-बुधवार की रात करीब 2 बजे मलबे से तीनों शवों को बाहर निकाला।
मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- सरिता देवी (35 वर्ष)
- गीता कुमारी (17 वर्ष)
- मोनू उरांव (70 वर्ष)
तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए SNMMCH धनबाद भेज दिया गया है।
🏚️ आधा दर्जन घरों में दरार, लोगों में दहशत
इस हादसे के बाद सिर्फ तीन घर ही नहीं गिरे, बल्कि आसपास के करीब आधा दर्जन घरों में भी दरारें आ गई हैं। इससे इलाके के लोग दहशत में हैं और अपने घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
🚧 ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सोनारडीह ओपी का घेराव कर दिया और NH-32 को जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और खनन कंपनियों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है।
🗣️ विधायक ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक शत्रुघ्न महतो मौके पर पहुंचे। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
- अवैध खनन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही
- लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है
- तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज किया जाए
⛏️ BCCL क्षेत्र में हुआ हादसा
यह घटना कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी BCCL के खनन क्षेत्र में हुई है, जो गोविंदपुर एरिया (एरिया-3) के अंतर्गत आता है।
बताया जा रहा है कि अधिकारियों के आश्वासन के करीब चार घंटे बाद BCCL की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और अभियान शुरू किया गया। देर रात करीब 2 बजे तीनों शवों को बाहर निकाला गया।
❗ बड़ा सवाल: कब रुकेगा अवैध खनन?
धनबाद और आसपास के इलाकों में अवैध कोयला खनन कोई नई बात नहीं है। लेकिन हर बार हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद टूटती है।
👉 सवाल उठता है:
- आखिर कब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे?
- अवैध खनन पर कब लगेगी रोक?
- क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?
📢 निष्कर्ष
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी लापरवाही का नतीजा है। तीन परिवारों की जिंदगी उजड़ गई, लेकिन क्या इससे कोई सबक लिया जाएगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।