पटना: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद (MLC) पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद राज्य में नए सियासी समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।
राज्यसभा जाने के बाद छोड़ा MLC पद
दरअसल, नीतीश कुमार का हाल ही में राज्यसभा के लिए चयन हुआ है। नियम के अनुसार, उन्हें 14 दिनों के भीतर MLC पद छोड़ना था, जिसकी समयसीमा पूरी होने पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
अब संभावना जताई जा रही है कि राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद वे मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं।
बिहार में नए नेतृत्व की चर्चा तेज
नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे के साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
2005 से अब तक NDA सरकार में बीजेपी सहयोगी की भूमिका में रही है, लेकिन इस बार पार्टी को नेतृत्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सीएम रेस में आगे सम्राट चौधरी
बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है।
- बीजेपी विधायक दल के नेता हैं
- पार्टी में तेजी से उभरे चेहरे
- कुशवाहा समुदाय के मजबूत नेता
राजनीतिक समीकरणों के अनुसार, इस बार पिछड़े वर्ग से किसी नए चेहरे को मौका मिलने की संभावना है।
नित्यानंद राय का नाम भी चर्चा में
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल है।
हालांकि उनके यादव समुदाय से होने के कारण राजनीतिक समीकरण अलग दिशा भी ले सकते हैं, लेकिन उनके समर्थक उन्हें मजबूत दावेदार मान रहे हैं।
बीजेपी के फैसले पर टिकी नजर
फिलहाल, बीजेपी और जेडीयू की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी नेतृत्व कोई चौंकाने वाला फैसला भी ले सकता है।
क्या बदल जाएगी बिहार की राजनीति?
नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है।
आने वाले दिनों में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है, जिससे राज्य की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।