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झारखंड को रेलवे की सौगात, पाकुड़-सैंथिया चौथी रेल लाइन को मिली मंजूरी

केंद्र सरकार ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में सैंथिया-पाकुड़ और संतरागाछी-खड़गपुर चौथी रेल लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी। ये परियोजनाएं 1.47 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाएंगी और रेलवे की माल ढुलाई क्षमता बढ़ाएंगी।

रांची: झारखंड और पश्चिम बंगाल में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की मोदी कैबिनेट ने सैंथिया-पाकुड़ चौथी रेल लाइन और संतरागाछी-खड़गपुर चौथी लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इन प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई।


परियोजनाओं का विस्तार और लागत

  • दोनों प्रोजेक्ट्स पूरे होने पर रेलवे नेटवर्क में 192 किलोमीटर अतिरिक्त लाइन जुड़ जाएगी।

  • अनुमानित लागत: 4474 करोड़ रुपये

  • परियोजनाओं का लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2030-31 तक पूरा करना


माल ढुलाई और यात्री सुविधा में सुधार

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक:

  • सैंथिया-पाकुड़ चौथी लाइन से झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच कोयला और पत्थर की ढुलाई आसान होगी।

  • संतरागाछी-खड़गपुर चौथी लाइन से दक्षिण-पूर्व रेलवे का व्यस्त मार्ग ट्रेन देर नहीं होंगी

  • रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में 3.1 करोड़ टन प्रति वर्ष की वृद्धि की उम्मीद है।


करीब 1.47 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा

इन दोनों परियोजनाओं से झारखंड और पश्चिम बंगाल के पांच जिलों और करीब 1.47 करोड़ आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।

  • लगभग 5652 गांवों की रेल कनेक्टिविटी सुधरेगी।

  • धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।

जुड़े पर्यटन स्थल:

  • तारापीठ और नंदिकेश्वरी शक्तिपीठ

  • बोलपुर और शांतिनिकेतन सांस्कृतिक केंद्र

  • भीमबंध वन्यजीव अभयारण्य

  • धाड़िका वन क्षेत्र

  • रामेश्वर कुंड


भविष्य की संभावनाएँ

रेल नेटवर्क के विस्तार से न केवल माल ढुलाई और यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और धार्मिक यात्रा भी मजबूत होगी।

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