रांची: झारखंड सरकार ने विधायकों और पूर्व विधायकों की लंबे समय से लंबित जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का बड़ा निर्णय लिया है। संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भरोसा दिलाया है कि अगले तीन दिनों के भीतर जमीन रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला जाएगा। इसके जरिए संबंधित विधायकों और पूर्व विधायकों को अपनी जमीन की रजिस्ट्री कराने का मौका मिलेगा।
JMM विधायक ने उठाया लंबित मुद्दा
विधानसभा में इस मामले को लेकर झामुमो विधायक मथुरा महतो ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विधायकों और पूर्व विधायकों से जमीन के लिए पहले ही राशि ली जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद रजिस्ट्री अब तक नहीं हो सकी है। मथुरा महतो ने सरकार से आग्रह किया कि इस प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, ताकि विधायकों और पूर्व विधायकों को उनकी जमीन का अधिकार मिल सके।
भाजपा विधायक ने प्रशासन पर लगाए आरोप
इस पर भाजपा विधायक सी.पी. सिंह ने रांची जिला प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जमीन के लिए ली गई राशि सहकारी लिमिटेड के खाते में जमा है, लेकिन रजिस्ट्री के लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सी.पी. सिंह ने बताया कि उन्होंने रांची के उपायुक्त से इस बारे में बातचीत की थी, लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी पोर्टल शुरू नहीं किया गया, जिससे विधायकों और पूर्व विधायकों में नाराजगी है।
विधायक सी.पी. सिंह ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में उपायुक्त ने चालू सत्र के दौरान एक सप्ताह के भीतर पोर्टल खोलने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह अभी तक पूरा नहीं हुआ।
रजिस्ट्री प्रक्रिया अब आसान और तेज
संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और अगले तीन दिनों में पोर्टल खोलकर रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे विधायकों और पूर्व विधायकों को लंबित जमीन के अधिकार मिलने में आसानी होगी।
क्या होगा अब?
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ऑनलाइन पोर्टल अगले तीन दिनों में चालू होगा।
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संबंधित विधायकों और पूर्व विधायकों को अपनी जमीन की रजिस्ट्री ऑनलाइन करानी होगी।
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इससे लंबित मामलों का निपटारा और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।