नेपाल में गुरुवार को हुए राष्ट्रीय चुनाव के बाद मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) कई सीटों पर बढ़त बनाकर सबसे आगे निकलती नजर आ रही है।
यह चुनाव पिछले साल हुए Gen-Z आंदोलन और हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद देश का पहला आम चुनाव है। इन्हीं प्रदर्शनों के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार गिर गई थी।
गुरुवार को हुए मतदान में करीब 60 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जिसे नेपाल में लोकतंत्र के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने बनाई मजबूत बढ़त
अब तक सामने आए चुनावी नतीजों के अनुसार राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने शानदार प्रदर्शन किया है।
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RSP अब तक 32 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है
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पार्टी 86 सीटों पर आगे चल रही है
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नेपाली कांग्रेस को 5 सीटें मिली हैं
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CPN और CPN-UML को 2-2 सीटें मिली हैं
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एक सीट अन्य दलों के खाते में गई है
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर यही रुझान जारी रहा तो नेपाल की राजनीति में एक नया नेतृत्व उभर सकता है।
काठमांडू-9 सीट से डोल प्रसाद आर्यल की बड़ी जीत
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता डोल प्रसाद आर्यल ने काठमांडू निर्वाचन क्षेत्र नंबर-9 से शानदार जीत दर्ज की है।
आर्यल पार्टी के वाइस चेयरमैन और संघीय चुनाव मोबिलाइजेशन कमेटी के समन्वयक हैं। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को भारी मतों से हराया।
चुनावी परिणाम इस प्रकार रहे:
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डोल प्रसाद आर्यल (RSP) – 35,093 वोट
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नानुमैया बस्तोला (नेपाली कांग्रेस) – 5,460 वोट
आर्यल ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 34 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराकर बड़ी जीत दर्ज की।
बालेन शाह की पार्टी 101 सीटों पर आगे
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) अब तक 13 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और करीब 101 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
वहीं अन्य पार्टियों की स्थिति इस प्रकार है:
इन नतीजों से साफ संकेत मिल रहा है कि नेपाल की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा है।
9 मार्च तक आ सकते हैं अंतिम नतीजे
नेपाल के मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने कहा है कि संसदीय चुनाव के वोटों की गिनती 9 मार्च तक पूरी होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग काउंटिंग शुरू होने के 24 घंटे के भीतर 165 सीटों के परिणाम जारी करने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि 2022 के संसदीय चुनाव में परिणाम घोषित होने में करीब दो सप्ताह का समय लगा था, लेकिन इस बार प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश की जा रही है।
चीन ने नेपाल को दी बधाई
नेपाल में सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न होने पर चीन ने भी बधाई दी है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बीजिंग में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि:
नेपाल अपने राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ा रहा है और यह सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन नेपाल के साथ अपने पारंपरिक और दोस्ताना संबंधों को बहुत महत्व देता है।
Gen-Z आंदोलन के बाद पहला बड़ा चुनाव
यह चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि पिछले साल हुए Gen-Z आंदोलन के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव है।
युवाओं के नेतृत्व में हुए इन प्रदर्शनों के कारण तत्कालीन सरकार को भारी दबाव का सामना करना पड़ा था और अंततः केपी शर्मा ओली को सत्ता छोड़नी पड़ी थी।
अब इन चुनावों में नई राजनीतिक ताकत के रूप में उभर रही बालेन शाह की पार्टी नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है।