रांची नगर निगम में मेयर पद का फैसला हो जाने के बाद अब डिप्टी मेयर की कुर्सी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नगर निगम की राजनीति में इन दिनों जोड़-तोड़ और समर्थन जुटाने का दौर शुरू हो गया है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने और ज्यादा से ज्यादा समर्थन हासिल करने की कोशिश में जुट गए हैं।
इसी कड़ी में भाजपा समर्थित मेयर रोशनी खलखो ने एक अहम पहल करते हुए शुक्रवार को रांची नगर निगम के सभी 53 पार्षदों को बैठक के लिए आमंत्रित किया है। यह बैठक मोरहाबादी स्थित मान्या पैलेस में आयोजित की जाएगी, जहां नगर निगम की भावी रणनीति और विकास योजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है।
पार्षदों के साथ समन्वय मजबूत करने की कोशिश
मेयर रोशनी खलखो ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नगर निगम के पार्षदों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना और आने वाले समय की कार्ययोजना पर चर्चा करना है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी पार्षदों का सहयोग बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी पार्षदों को एक साथ आमंत्रित किया गया है, ताकि विकास से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बातचीत हो सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की बैठकों से पार्षदों के बीच संवाद बढ़ता है और नगर निगम के कामकाज को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।
डिप्टी मेयर चुनाव से पहले रणनीति?
हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी तेज हैं। माना जा रहा है कि डिप्टी मेयर चुनाव से पहले समर्थन मजबूत करने की रणनीति के तहत भी यह बैठक अहम मानी जा रही है।
नगर निगम में डिप्टी मेयर का चुनाव पार्षदों के वोट से होता है। ऐसे में हर दल अपने-अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट रखने और दूसरे पार्षदों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नगर निगम की राजनीति में छोटे-छोटे समीकरण भी चुनाव के नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए सभी दल फिलहाल पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं।
होली के मौके पर भी किया था संपर्क
मेयर रोशनी खलखो ने इससे पहले होली के अवसर पर भी सभी पार्षदों के साथ संपर्क बनाने की पहल की थी। उन्होंने सभी पार्षदों के घर मिठाई और अबीर भेजकर त्योहार की शुभकामनाएं दी थीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भी पार्षदों के साथ संबंध मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
त्योहारों और सामाजिक अवसरों के जरिए राजनीतिक संवाद बढ़ाना भारतीय राजनीति में एक आम परंपरा रही है। इससे नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी संबंध मजबूत होते हैं।
नगर निगम की राजनीति पर सबकी नजर
रांची नगर निगम में डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि किस उम्मीदवार को पार्षदों का बहुमत समर्थन मिलता है।
फिलहाल पार्षदों के बीच लगातार बैठकें और संपर्क अभियान जारी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम की इस अहम कुर्सी पर आखिर किसका कब्जा होता है।