रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट सदन में पेश किया। यह बजट आकार के लिहाज से राज्य के अब तक के बड़े बजटों में से एक माना जा रहा है।
सरकार का दावा है कि यह बजट “समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक मजबूती” को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
बजट की मुख्य बातें (Highlights)
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कुल बजट आकार: ₹1,58,560 करोड़
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वित्त वर्ष: 2026-27
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सोशल सेक्टर पर विशेष जोर
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शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता
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युवाओं और किसानों के लिए योजनाओं पर फोकस
इस बजट में सरकार ने विकास और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
सोशल सेक्टर पर फोकस
झारखंड बजट 2026-27 में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को मजबूती देने की दिशा में बड़े प्रावधान किए गए हैं।
📚 शिक्षा क्षेत्र
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सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण की योजना
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डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा
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छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड
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तकनीकी और उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार का प्रस्ताव
🏥 स्वास्थ्य सेवाएं
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जिला अस्पतालों के अपग्रेडेशन
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नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना
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मुफ्त दवा एवं जांच सुविधा का विस्तार
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ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का लक्ष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो राज्य की मानव विकास सूचकांक में सुधार संभव है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार
बजट में सड़क, पुल, सिंचाई और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए भी पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है।
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ग्रामीण सड़कों का विस्तार
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शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास
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युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम
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उद्योग निवेश को बढ़ावा देने की पहल
सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूती
राज्य सरकार ने गरीब, बुजुर्ग, महिलाओं और किसानों के लिए चल रही योजनाओं में निरंतरता और विस्तार का संकेत दिया है।
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पेंशन योजनाओं में बढ़ोतरी
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महिला स्वावलंबन कार्यक्रम
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किसानों के लिए सहायता योजनाएं
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युवाओं के लिए स्वरोजगार कार्यक्रम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार का कहना है कि यह बजट “हर वर्ग को साथ लेकर चलने” की सोच पर आधारित है।