रांची: झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाला एक निजी चार्टर एयर एम्बुलेंस विमान रहस्यमयी तरीके से बीच हवा में लापता हो गया है। विमान में एक गंभीर मरीज, मेडिकल टीम के सदस्य और पायलट समेत कुल पांच लोग सवार थे।

 

रडार से संपर्क टूटने और तय समय पर दिल्ली न पहुंचने के बाद अब किसी बड़ी अनहोनी की आशंका गहरा गई है। प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और परिजन—सभी की सांसें अटकी हुई हैं।

 

✈️ शाम 7 बजे भरी उड़ान, 90 मिनट बाद टूटा संपर्क

 

मिली जानकारी के अनुसार यह चार्टर एयर एम्बुलेंस सोमवार शाम 7:00 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। इसे रात 8:30 बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लैंड करना था।

 

लेकिन उड़ान भरने के करीब 90 मिनट बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से इसका संपर्क अचानक टूट गया।

 

सूत्रों के मुताबिक विमान जब झारखंड के दुर्गम पहाड़ी और जंगली इलाकों के ऊपर उड़ान भर रहा था, तभी रेडियो सिग्नल गायब हो गया। इसके बाद से विमान का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

 

🌧️ लातेहार और पलामू के बीच ‘डार्क जोन’ में आखिरी लोकेशन

 

एटीसी सूत्रों के अनुसार विमान की आखिरी लोकेशन लातेहार और पलामू के बीच स्थित घने जंगल और पहाड़ी इलाके में ट्रेस की गई।

 

यह क्षेत्र ‘डार्क जोन’ के रूप में भी जाना जाता है, जहां मोबाइल और रेडियो सिग्नल अक्सर कमजोर पड़ जाते हैं।

 

बताया जा रहा है कि उस समय इलाके में अचानक मौसम खराब हो गया था। तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही थी और दृश्यता भी कम हो गई थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि:

 

खराब मौसम के कारण नेविगेशन में दिक्कत आई हो

 

तकनीकी खराबी की वजह से विमान ने नियंत्रण खो दिया हो

 

या फिर आपात स्थिति में कहीं जंगल में लैंडिंग की कोशिश की गई हो

 

हालांकि अभी तक किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

🚨 प्रशासन अलर्ट, सर्च ऑपरेशन शुरू

 

विमान के लापता होने की खबर मिलते ही रांची और दिल्ली एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया। झारखंड सरकार ने तत्काल लातेहार और पलामू जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर डाल दिया है।

 

स्थानीय पुलिस को जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के निर्देश

 

वन विभाग की टीमों को भी लगाया गया

 

ग्रामीणों से संदिग्ध आवाज या आग की सूचना देने की अपील

 

ड्रोन और विशेष सर्च टीम की मदद लेने की तैयारी

 

घना जंगल और पहाड़ी भूभाग होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

 

😢 परिजनों की हालत खराब, हर पल बढ़ रही बेचैनी

 

विमान में सवार पांचों लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सभी की निगाहें अब सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं।

 

एक परिजन ने कहा, “हमें बस एक फोन कॉल का इंतजार है… कि सब सुरक्षित हैं।”

 

इस बीच एयरपोर्ट अथॉरिटी और प्रशासन लगातार संपर्क में हैं और हर संभावित एंगल से जांच की जा रही है।

 

❓ क्या है रेडियो साइलेंस या बड़ी त्रासदी?

 

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—

क्या यह केवल एक अस्थायी रेडियो साइलेंस है?

या फिर कोई बड़ा हादसा हो चुका है?

 

विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार मौसम या तकनीकी गड़बड़ी की वजह से अस्थायी रूप से संपर्क टूट जाता है, लेकिन 90 मिनट से ज्यादा समय तक संपर्क न होना चिंता बढ़ाता है।

 

📌 फिलहाल क्या स्थिति है?

 

विमान का अब तक कोई आधिकारिक सुराग नहीं

 

सर्च ऑपरेशन जारी

 

मौसम की स्थिति पर नजर

 

केंद्र और राज्य एजेंसियां समन्वय में

 

जब तक रेस्क्यू टीम को कोई ठोस सुराग नहीं मिलता, तब तक यह मामला रहस्य और आशंका के घेरे में ही रहेगा।

 

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