रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन शुक्रवार को शून्यकाल में कई अहम जनसरोकार से जुड़े मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए गए। विधानसभा में विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों ने छात्रों, रैयतों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
वित्त मंत्री ने पेश किया तृतीय अनुपूरक बजट
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में 6450 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया। इस बजट में विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने इसे विकास कार्यों को गति देने वाला कदम बताया और कहा कि यह राशि सभी विभागों के सुचारू संचालन और परियोजनाओं की तेजी सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
छात्रों और आम जनता के मुद्दे भी उठे
शून्यकाल के दौरान सदन में विधायकों ने कई मुद्दों पर चर्चा की:
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छात्रों के मुद्दे: शैक्षिक संस्थानों में सुविधाओं और छात्रवृत्ति भुगतान में देरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े प्रश्न
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रैयतों के मुद्दे: खेती और सिंचाई योजनाओं में होने वाली देरी, मुआवजा और सब्सिडी के मुद्दे
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आम जनता: सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं की शिकायतें
विधायकों ने सरकार से मांग की कि जनसरोकार से जुड़े मामलों में शीघ्र कार्रवाई की जाए।
विकास कार्यों को गति देने वाला कदम
वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि तृतीय अनुपूरक बजट से विभिन्न विभागों की योजनाओं को तेजी मिलेगी और विकास कार्य समय पर पूरा होंगे। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क निर्माण, ग्रामीण विकास और अन्य परियोजनाओं के लिए आवश्यक अतिरिक्त राशि शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट से राज्य में विकास की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है।
निष्कर्ष
झारखंड विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन जनसरोकार के मुद्दों और विकास पर केंद्रित रहा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा पेश 6450 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट राज्य के विकास और योजनाओं की गति बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सरकार को अब इन मामलों में शीघ्र और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।