रांची: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण के साथ विधिवत शुरू हुआ। राज्यपाल ने अपने विस्तृत संबोधन में राज्य सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और आगामी योजनाओं का खाका सदन के पटल पर रखा।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण हेतु विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं तथा अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की सक्रियता और विकास योजनाओं के विस्तार से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने दुमका में कमर्शियल पायलट प्रशिक्षण केंद्र के संचालन को राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इसके अलावा वन क्षेत्र विस्तार, पर्यटन विकास, औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन, राष्ट्रीय एवं राज्य उच्च पथों के निर्माण और ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण जैसे कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना के व्यापक विकास के जरिए झारखंड को तीव्र प्रगति की ओर अग्रसर करने का लक्ष्य तय किया गया है।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित क्षेत्रीय विकास के प्रति गंभीर है। युवाओं, किसानों और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
अभिभाषण के उपरांत विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही संचालित करते हुए शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। विगत सत्र के बाद से देश ने राजनीति, कला, उद्योग और समाजसेवा के क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों को खोया है, जिस पर सदन ने गहरा दुःख व्यक्त किया। विभिन्न दुर्घटनाओं में मृत लोगों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की गई।
शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।