खूंटी। पड़हा राजा एवं अबुआ झारखंड पार्टी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सोमा मुंडा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस बहुचर्चित मामले में पुलिस ने दो शूटरों सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त देसी पिस्टल, चार जिंदा गोलियां, दो पल्सर बाइक, एक टाटा टियागो कार, घटना के समय पहने गए कपड़े और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
यह जानकारी खूंटी एसपी मनीष टोप्पो ने बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड के बाद रांची, खूंटी और आसपास के इलाकों में आदिवासी समुदाय के बीच भारी आक्रोश था और लगातार आंदोलन व सड़क जाम हो रहे थे।
जमीन विवाद बना हत्या की मुख्य वजह
एसपी ने बताया कि इस हत्याकांड की जड़ में जमीन विवाद था। मुख्य आरोपी दानियल संगा का मृतक सोमा मुंडा से मुंडा चलागी गांव स्थित 14 डिसमिल जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। सोमा मुंडा उक्त जमीन पर बने पुराने मकान से दानियल संगा को हटाने का दबाव बना रहे थे।
इसके अलावा, जमीन कारोबार से जुड़े मामलों में सोमा मुंडा द्वारा सीएनटी और मजियस जमीन का हवाला देकर लगातार आपत्ति जताई जा रही थी, जिससे आरोपी आक्रोशित थे और उन्होंने हत्या की साजिश रच डाली।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं—
पुलिस के अनुसार, दोनों शूटर मृतक सोमा मुंडा के ही गांव मुंडा चलागी के निवासी और उनके पड़ोसी हैं। सभी आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपराध स्वीकार कर लिया है।
50 हजार रुपये की सुपारी देकर रची गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि दानियल संगा ने अपने भतीजे सुमित दगल सांड और संतोष दगल सांड के जरिए मारकुस संगा से संपर्क कर 50 हजार रुपये की सुपारी देकर सोमा मुंडा की हत्या की साजिश रची।
7 जनवरी को की गई थी हत्या
7 जनवरी को जब सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से खूंटी जा रहे थे, उसी दौरान आरोपियों ने जमुवादाग तालाब के पास उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
शक से बचने के लिए आंदोलन में भी हुए शामिल
एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी शक से बचने के लिए आंदोलन, सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो।
आरोपियों की मेन रोड पर कराई गई पैदल परेड
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ले जाने के दौरान खूंटी थाना से नेताजी चौक होते हुए भगत सिंह चौक तक मेन रोड पर पैदल परेड कराई। आरोपियों को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार
गौरतलब है कि इससे पहले इस हत्याकांड में पालकोट राज परिवार के सदस्य देवव्रत नाथ शाहदेव सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
इस तरह अब तक कुल 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और आगे और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।