रांची: झारखंड में बहुचर्चित धनबाद रिंग रोड जमीन अधिग्रहण मुआवजा गड़बड़ी मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी के दौरान की गई।

गिरफ्तार किए गए लोगों में भू-राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और कई बिचौलियों के शामिल होने की बात सामने आ रही है।


💰 300 करोड़ रुपये के मुआवजा घोटाले का आरोप

बताया जाता है कि धनबाद में रिंग रोड निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा रैयतों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। लेकिन जमीन के बदले दिए जाने वाले मुआवजे में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया।

प्रारंभिक आकलन के अनुसार:

  • करीब 300 करोड़ रुपये के मुआवजे में गड़बड़ी

  • फर्जी दस्तावेजों और गलत रकबे के आधार पर भुगतान

  • वास्तविक रैयतों को न्याय नहीं मिल सका

🕵️‍♂️ 2014 में उजागर हुआ था मामला

यह घोटाला वर्ष 2014 में उजागर हुआ था। इसके बाद:

  • पहले जांच निगरानी ब्यूरो को सौंपी गई

  • बाद में मामला ACB को ट्रांसफर किया गया

प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक, लाल मोहन नायक सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था।


⚖️ न्याय की आस में चली गईं कई जानें

इस मुआवजा घोटाले को लेकर न्याय की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए यह मामला बेहद संवेदनशील रहा है। जानकारी के अनुसार:

  • अब तक 6 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है

  • पीड़ित परिवार वर्षों से मुआवजे और न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे

ACB की इस ताजा कार्रवाई से पीड़ितों और उनके परिजनों को अब न्याय की उम्मीद जगी है।

🔍 आगे और गिरफ्तारी की संभावना

सूत्रों के मुताबिक, ACB इस मामले में:

  • दस्तावेजों की गहन जांच

  • बैंक लेन-देन और संपत्ति का सत्यापन

  • अन्य अधिकारियों और लाभार्थियों की भूमिका की पड़ताल

कर रही है। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारी हो सकती है।