कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए राजनीतिक और चुनावी रणनीति तैयार करने वाली संस्था I-PAC (Indian Political Action Committee) के कोलकाता स्थित कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार, 8 जनवरी की सुबह बड़ी कार्रवाई की। यह छापेमारी कोलकाता के साल्टलेक सेक्टर-5 स्थित I-PAC ऑफिस और कंपनी के मालिक प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित कार्यालय पर एक साथ की गई।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के सिलसिले में की जा रही है। दिल्ली से विशेष रूप से आई ईडी की टीम ने सुबह से ही दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच शुरू कर दी।
🕵️♂️ कोयला घोटाले की जांच से जुड़ी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि ईडी लंबे समय से कोयला घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। इसी कड़ी में अब I-PAC और उसके संचालक प्रतीक जैन के परिसरों की तलाशी ली जा रही है। एजेंसी को शक है कि कुछ संदिग्ध लेन-देन और दस्तावेज इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
🚨 I-PAC ऑफिस पहुंचीं ममता बनर्जी
ED की छापेमारी की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद I-PAC ऑफिस पहुंच गईं। मुख्यमंत्री के पहुंचने से करीब 5 मिनट पहले ही कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा भी मौके पर पहुंच चुके थे, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
📂 फाइल और लैपटॉप लेकर बाहर निकलीं सीएम
ममता बनर्जी ED की कार्रवाई के दौरान I-PAC ऑफिस से फाइलें और लैपटॉप लेकर बाहर निकलीं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए।
🗣️ ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा:
“यह बेहद दुर्भाग्यजनक है कि केंद्रीय एजेंसियां यहां छापेमारी कर रही हैं। यहां पार्टी के गोपनीय दस्तावेज, चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों की सूची रहती है।”
उन्होंने आगे कहा कि वह पार्टी के महत्वपूर्ण दस्तावेज और हार्ड डिस्क सुरक्षित रखने के लिए साथ ले जा रही हैं।
🔥 अमित शाह पर सीधा सवाल
ममता बनर्जी ने भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा:
“क्या गृह मंत्री अमित शाह भाजपा के पार्टी कार्यालय पर भी ईडी से छापेमारी करवाएंगे?”
उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं और दूसरी ओर राजनीतिक दलों का संवेदनशील डेटा अवैध तरीके से जुटाने की कोशिश की जा रही है।
🏛️ राजनीतिक माहौल गरमाया
I-PAC पर ED की कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि विपक्षी दल जांच एजेंसी की कार्रवाई को कानून के दायरे में बता रहे हैं।