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झारखंड का सबसे बड़ा करप्शन एक्सपोज़! IAS के परिवार के खातों में मिला संदिग्ध पैसा

IAS विनय चौबे केस में ACB ने बड़ा खुलासा किया है। परिवार के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध Money Trail का पता चला। कई अहम सबूत मिले।

Ranchi: झारखंड के प्रशासनिक गलियारों को हिला देने वाले भ्रष्टाचार मामलों से जुड़ी जांच में अब एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई गहन जांच में जेल में बंद IAS अधिकारी विनय चौबे से जुड़े पारिवारिक सदस्यों के बैंक खातों में संदिग्ध धन प्रवाह (Money Trail) की पुष्टि हुई है।
ACB का मानना है कि यह सिर्फ सामान्य बैंकिंग लेनदेन नहीं, बल्कि अवैध धन को वैध दिखाने का सुनियोजित प्रयास है।


ACB की जांच में क्या सामने आया?

सूत्रों के अनुसार, ACB की जांच में विनय चौबे के साले शिपीज त्रिवेदी की पत्नी प्रियंका त्रिवेदी के बैंक खातों में बड़ी वित्तीय गतिविधियों के सबूत मिले हैं।
दस्तावेजों के मुताबिक—

  • 2018 से 2020 के बीच बैंक खाते में 4.06 लाख रुपये NEFT के माध्यम से ट्रांसफर किए गए

  • अकाउंट में लगातार बड़ी रकम का मूवमेंट हुआ

  • लेकिन इसके बावजूद

    • कोई व्यावसायिक गतिविधि के दस्तावेज

    • कोई लोन से संबंधित पेपर

    • ना ही कोई निवेश संबंधी प्रमाण उपलब्ध मिले

ACB को शक है कि यह पैसा व्यवस्थित तरीके से घुमाकर ‘वैध आय’ जैसा दिखाने का प्रयास किया गया।


विनय चौबे के ससुर के खाते में भी मिली भारी रकम

जांच यहीं नहीं रुकी। ACB ने विनय चौबे के ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी के बैंक खाते की भी जांच की, जहां:

  • खाते में करीब 14.99 लाख रुपये जमा किए गए

  • रकम आते ही 7 लाख रुपये चेक के जरिए तुरंत निकाल लिए गए

ACB के अनुसार यह पैटर्न बेहद संदिग्ध है और यह सामान्य घरेलू बैंकिंग ट्रांजेक्शन जैसा नहीं लगता।


एक ही स्रोत से आया पैसा, एक जैसी टाइमलाइन

ACB की रिपोर्ट का सबसे बड़ा निष्कर्ष यह है कि—

  • प्रियंका त्रिवेदी के खाते में आए पैसे

  • और सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी के खाते में जमा रकम
    दोनों एक ही स्रोत से और लगभग एक ही अवधि में जमा हुए।

जांच एजेंसी का मानना है कि यह स्पष्ट संकेत है कि भ्रष्टाचार से अर्जित काली कमाई को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर परिवार के अलग-अलग सदस्यों के खातों में ट्रांसफर किया गया, ताकि यह सामान्य घरेलू लेनदेन जैसा लगे।


अब आगे क्या?

ACB ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए—

  • सभी बैंक खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खंगालने

  • धन के स्रोत की पहचान करने

  • और संभावित ‘बेनामी ट्रांजेक्शन’ की जांच शुरू कर दी है।

माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ACB और भी बड़े खुलासे कर सकती है। वहीं, मामले से जुड़े लोग अब एजेंसी के रडार पर आ चुके हैं।

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