रांची। माता-पिता की असामयिक मृत्यु के बाद बेसहारा हुए दो बच्चों के लिए रांची जिला प्रशासन ने संवेदनशील पहल की है। तमाड़ थाना क्षेत्र के कुंदला पंचायत स्थित लेकया गांव निवासी योगेंद्र मुंडा और उनकी पत्नी सावित्री देवी के निधन के बाद उनके बच्चों के सामने उत्पन्न कठिन परिस्थितियों की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया।

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर प्रशासन की ओर से बच्चों के परिवार को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। परिवार को कंबल और राशन सामग्री दी गई, ताकि जरूरत के समय उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी न हो।

बच्चों की पढ़ाई और रहने की भी हुई व्यवस्था

जिला प्रशासन ने केवल तत्काल राहत तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि दोनों बच्चों के भविष्य और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की है। दोनों बच्चों का प्रखंड के ही गुरुकुल विद्यालय में दाखिला कराया गया है।

विद्यालय में बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, ड्रेस और छात्रावास की सुविधा मिलेगी। इससे बच्चों की पढ़ाई लगातार जारी रखने के साथ-साथ उनके रहने और सुरक्षित देखभाल की भी व्यवस्था हो सकेगी।

बाल संरक्षण योजना से भी जोड़ा जाएगा

बच्चों को भविष्य में भी आवश्यक सहायता और संरक्षण मिलता रहे, इसके लिए उन्हें बाल संरक्षण विभाग की Sponsorship योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के माध्यम से बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार आगे भी सहयोग और संरक्षण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

अधिकारियों ने सुनिश्चित की आवश्यक कार्रवाई

मामले में अनुमंडल पदाधिकारी, बुंडू मनोहर लाल मरांडी और प्रखंड विकास पदाधिकारी, तमाड़ की ओर से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि माता-पिता को खो चुके बच्चों को अकेलेपन और अभाव का सामना न करना पड़े। प्रशासन की कोशिश है कि ऐसे बच्चों को समय पर शिक्षा, पोषण, संरक्षण और सुरक्षित भविष्य के लिए जरूरी सहायता उपलब्ध हो सके।

माता-पिता की असामयिक मृत्यु के बाद मुश्किल दौर से गुजर रहे इन बच्चों के लिए जिला प्रशासन की यह पहल न सिर्फ तत्काल राहत प्रदान करने वाली है, बल्कि उनके भविष्य को संवारने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।