रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार, 19 सितंबर को बड़गाईं जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रांची की विशेष PMLA कोर्ट में पेश होंगे। मामले में आरोप गठन को लेकर आज सुनवाई होनी है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने विशेष PMLA कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद बड़गाईं जमीन मामले में निचली अदालत की कार्यवाही आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। हेमंत सोरेन ने विशेष PMLA कोर्ट द्वारा उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और आगे की आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी।
8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में कथित अवैध तरीके से जमीन के अधिग्रहण, कब्जे और हस्तांतरण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। एजेंसी का आरोप है कि जमीन से संबंधित लेनदेन में फर्जी दस्तावेजों और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।
इस जमीन की कीमत 31 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। ED ने जांच के दौरान हेमंत सोरेन के साथ इस जमीन के कथित संबंध और कब्जे को लेकर भी दावे किए हैं। हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप हैं और मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है।
डिस्चार्ज याचिका पहले ही हो चुकी है खारिज
रांची की विशेष PMLA अदालत ने 8 जून 2026 को हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी थी। निचली अदालत ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला बनता माना था। इसके बाद हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट का रुख किया और निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी।
हेमंत सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग भी की गई थी। 16 सितंबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को अदालत ने उनकी अंतरिम अर्जी खारिज कर दी।
आज PMLA कोर्ट में होगी सुनवाई
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब शनिवार को रांची की विशेष PMLA कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी। अदालत में हेमंत सोरेन की पेशी होनी है और उनके खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में विशेष PMLA कोर्ट पहले ही कई अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर चुकी है। अब हाईकोर्ट द्वारा कार्यवाही पर रोक से इनकार किए जाने के बाद हेमंत सोरेन से जुड़े हिस्से में भी न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।
हाईकोर्ट में आगे भी जारी रहेगी कानूनी लड़ाई
हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिलने के बावजूद हेमंत सोरेन की ओर से दायर मुख्य आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई अक्टूबर में निर्धारित है।
फिलहाल आज की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। PMLA कोर्ट में होने वाली कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि मामले में आरोप गठन की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।
नोट: बड़गाईं जमीन मामले में ED द्वारा लगाए गए आरोपों का न्यायिक परीक्षण अभी जारी है। आरोप साबित होना और अदालत द्वारा दोषसिद्धि किया जाना अलग-अलग कानूनी चरण हैं।