रांची/बोकारो: अवैध वेतन निकासी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने एएसआई अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार किया है। उन्हें रांची स्थित विशेष अदालत में पेश करने के बाद होटवार के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया है।
10 करोड़ की धांधली का खुलासा
जांच में सामने आया है कि:
- बोकारो एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन से करीब 10 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई
- एएसआई भंडारी, मुख्य लेखापाल कौशल कुमार पांडेय के सहयोगी थे
- भंडारी के खाते में पांडेय के खाते से करीब 50 लाख रुपये ट्रांसफर हुए
भंडारी ने फर्जी कमान जारी कर टीए बिल के जरिए अवैध निकासी की।
करोड़ों का लेन-देन
- वर्ष 2020 से अब तक 1.11 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी भंडारी के खाते से हुई
- एक अन्य आरोपी सतीश कुमार सिंह के खाते में भी 1.06 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन मिले
- SIT ने उसके खाते से 43 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं
SIT की तीसरी गिरफ्तारी
इस केस में:
- पहले लेखापाल कौशल कुमार पांडेय गिरफ्तार हुए
- फिर गृह रक्षा वाहिनी के जवान सतीश कुमार सिंह को पकड़ा गया
- अब एएसआई अशोक भंडारी की गिरफ्तारी हुई है
यह SIT की अब तक तीसरी बड़ी गिरफ्तारी है।
CID ने केस किया टेकओवर
- 7 अप्रैल को बोकारो के बीएस सिटी थाना में केस दर्ज हुआ था
- 24 अप्रैल को CID ने इसे टेकओवर कर रांची में नया केस दर्ज किया
- पूरे मामले की जांच के लिए आईजी पंकज कंबोज के नेतृत्व में SIT गठित की गई
हर ट्रांजैक्शन की हो रही जांच
SIT अब:
- पैसे के हर लेन-देन और ट्रांसफर की जांच कर रही है
- किसे कितना पैसा मिला, कहां गया — सबकी पड़ताल जारी है
SIT का साफ कहना है:
“अगर एक रुपये भी अवैध तरीके से गया है, तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”
निष्कर्ष
बोकारो का यह वेतन घोटाला राज्य के बड़े वित्तीय घोटालों में शामिल होता दिख रहा है। SIT की सख्ती से साफ है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।