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दुनिया एक और महामारी की ओर? WHO ने मंकीपॉक्स को घोषित किया ‘वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल’

World towards another pandemic? Monkeypox 'declared global health emergency'

देश की राजधानी तक आ पहुंचा मंकीपॉक्स

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई। नित नये-नये रंग-रूप में कोरोना अपना असर बनाये हुए है कि इस बीच दुनिया एक और महामारी के मुहाने पर आ खड़ी हुई है। इस महामारी का नाम है- ‘मंकीपॉक्स’। मंकीपॉक्स दुनिया में अपने पांव पसारते चुपके से भारत आ पहुंचा है। पहले तो दक्षिण भारत के राज्य केरल में एक के बाद एक तीन मंकीपॉक्स के मामले आये। इसके बाद इसने सीधी देश की राजधानी दिल्ली में दस्तक दे दी है। दिल्ली में मंकीपॉक्स का मामले आने से दिल्ली की केजरीवाल सरकार ही नहीं, केन्द्र की मोदी सरकार भी सतर्क हो चुकी है।

उधर दुनिया के करीब 80 देशों में पहुंच जाने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकीपॉक्स को ‘वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित कर सावधान हो जाने का अल्टीमेटम दे दिया है। WHO प्रमुख डॉ. टेड्रोस अधेनोम गेब्रिएसेस ने कहा, “हमारे सामने एक प्रकोप है जो नए-नए तरीकों से दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है। इसके बारे में हमें बहुत कम पता है। इसलिए हमने फैसला किया है कि मंकीपॉक्स को ‘वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किया जाए।” WHO के इस अलर्ट को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न कहा जाता है। यह WHO के उच्चतम स्तर का अलर्ट है। ऐसा करने का मतलब होता है, अंतरराष्ट्रीय प्रसार के जरिये अन्य देशों के लिए जन स्वास्थ्य का जोखिम पैदा हो गया है।  जिसका एकजुट होकर अंतरराष्ट्रीय सामना करने की जरूरत है।

क्या है मंकीपॉक्स?

मंकीपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है। जैसा कि WHO प्रमुख कह रहे हैं कि मंकीपॉक्स के बारे में अभी बहुत-सी बातों को पता लगना शेष है तो जाहिर है कि वैज्ञानिको इसके बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं दे पायेंगे। फिर भी अभी तक की जानकारियों के अनुसार मंकीपॉक्स एक जूनोटिक (एक प्रजाति से दूसरी प्रजाति में फैलने वाली) बीमारी है। ये बीमारी मंकीपॉक्स वायरस पॉक्सविरिडाइ ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस फैमिली का संक्रमण है। बता दें ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस में चेचक (स्मालपॉक्स) और काउपॉक्स बीमारी के वायरस भी आते हैं। 1958 में रिसर्च में मंकीपॉक्स वायरस के बारे में पता लग चुका है। तब बंदरों की बस्तियों में यह वायरस सामने आया था और इससे पॉक्स जैसी बीमारी होने के बारे में पता लग चुका था।

भारत में सामने अब तक आ चुके हैं चार मामले
  • 14 जुलाई को केरल के कोल्लम के रहने वाला 35 वर्षीय शख्स मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया था। वह UAE से वापस लौटा था।
  • 18 जुलाई को दुबई से कन्नूर लौटे एक अन्य शख्स को मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया।
  • 22 जुलाई को UAE से ही लौटे एक और शख्स को इस वायरस से संक्रमित पाया गया।
  • 24 जुलाई को दिल्ली में पहला और देश का चौथा मामला सामने आया। दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में 31 साल के एक बीमार शख्स को भर्ती कराया गया है। हालांकि इसका विदेश-यात्रा का कोई इतिहास नहीं है।
दुनिया के 20 देशों में पांव पसार चुका है मंकीपॉक्स

मंकीपॉक्स 80 से अधिक देशों में फैल गया है और इन देशों में इसके करीब 17 हजार मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा भी हजारों संदिग्ध मामलों का पता चला है। इस संक्रमण से 5 लोगों की मौत भी हो चुकी है। कनाडा, मैक्सिको, ब्राजील, अर्जेंटीना, पुर्तगाल, स्पेन, अमरीका, यूके, जर्मनी, स्वीडेन, फिनलैंड, रूस, UAE, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इजराइल के बाद अब भारत में मंकीपॉक्स का मामला सामने आया है।

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