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World Population Day: 1987 में सचेत हुई थी दुनिया जब आबादी हो गयी थी 5 अरब

World Population Day: In 1987, the world became aware when the population had become 5 billion

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

आज दुनिया की आबादी करीब 8 अरब हो चुकी है। यह किसी जश्न का विषय नहीं है। यह दिन लगातार बढ़ रही आबादी के कारण सिर्फ चिंता जताने व लोगों में जागरूकता फैलाने का अवसर है। सही कहा जाये तो यह अवसर भी महज औपचारिकता है। जनसंख्या की वजह प्राकृतिक है, प्रकृति ही इस पर नियंत्रण लगा सकती है। मनुष्य भले ही प्रकृति का अंग है, लेकिन प्रकृति की मूल भावना से उसे कोई सरोकार नहीं है। प्रकृति संरक्षण खासतौर पर भारतीय परम्पराओं में हजारों वर्षों से मौजूद हैं। ये परम्पराएं जिस प्रकार से प्रकृति संरक्षण का संदेश देती हैं, उसमें ही जनसंख्या का नियंत्रण का संदेश भी छुपा हुआ है। हम भले ही यहां-वहां बिखरी ही बातों का तार एक में जोड़कर, धर्म के आधार पर यह भले कह ले कि ‘बच्चे तो ईश्वर की देन’ हैं और जनसंख्या को बढ़ा लें, लेकिन यह कभी न भूलें की हमारे पास पृथ्वी एक ही है। इस पृथ्वी से मिलने वाले संसाधन भी सीमित ही हैं।

जनसंख्या की लापरवाहियों के बावजूद, हम जनसंख्या के बारे में हम सोचते तो जरूर हैं, लेकिन तब जब पानी सिर से ऊपर चला जाता है। बेवजह और लगातार बढ़ती जनसंख्या पर ब्रेक लगाने के लिए ही दुनियाभर में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जनसंख्या सम्बंधित समस्याओं पर वैश्विक चेतना जागृत करना है। इसकी शुरुआत 1987 से हुई है, जब पूरे विश्व की आबादी 5 अरब पहुंच गयी थी तब। विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की घोषणा सर्वप्रथम 11 जुलाई 1989 को की गई थी। सन् 1987 को जब देश की जनसंख्या का आंकड़ा करीब 5 अरब हुआ था, तब बढ़ती जनसंख्या संबंधी मामलों पर लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व जनसंख्या दिवस को मनाने का निर्णय लिया गया था।

विश्व जनसंख्या दिवस से जड़े कुछ दिलचस्प तथ्य
  • यूएन का मानना है कि पूरी दुनिया की आबादी 2023 तक 8 अरब और 2056 तक 10 अरब को पार कर जायेगी।
  • अनुमान के अनुसार, 2025-30 तक भारत की जनसंख्या 1 अरब 65 करोड़ हो जाएगी। तब भारत चीन को पछाड़कर आबादी में नंबर वन बन जाएगा। तब तक दुनिया की आबादी 8 अरब 14 करोड़ हो चुकी होगी।
  • विश्व की आधी आबादी 9 देशों में रहती है। 2017 से 2050 तक, भारत, नाइजीरिया, कांगो का लोकतांत्रिक गणराज्य, पाकिस्तान, इथियोपिया, संयुक्त राज्य अमेरिका तंजानिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, युगांडा और इंडोनेशिया जनसंख्या वृद्धि के लिए सबसे अधिक योगदान देगा। इसका मतलब है कि अफ्रीका की आबादी अब और 2050 के बीच लगभग दोगुना हो जाएगी।
  • जनसंख्या के मामले में नाइजीरिया 2050 से पहले अमेरिका को पीछे छोड़ कर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। आज के दौर में सबसे तेजी से जनसंख्या में वृद्धि करने वाला देश नाइजीरिया ही है।
  • एक रिपोर्ट के मुताबिक इस समय विश्व की कुल जनसंख्या करीब 790 करोड़ है। विश्व में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश चीन हैं, इसकी कुल संख्या करीब 141 करोड़ है। जनसंख्या के मामले में चीन पहले स्थान पर हैं और दूसरे नंबर पर भारत जबकि अमेरिका तीसरे नंबर पर है।
  • ताजा अध्ययन में पाया गया कि अगले 30 साल में भारत की जनसंख्या में 3 करोड़ की वृद्धि हो सकती है। इस हिसाब से 2050 तक भारत की कुल आबादी 164 करोड़ होने का अनुमान है।

जनसंख्या  के लिहाज से विश्व के शीर्ष 10 देश 

  • चीन -1,336,718,015
  • भारत – 1,210,193,422
  • अमेरिका  – 313,232,044
  • इंडोनेशिया  – 245,613,043
  • ब्राजील  –  203,426,773
  • पाकिस्तान  –  187,342,721
  • बांग्लादेश  –  158,570,535
  • नाईजीरिया  –  155,215,573
  • रूस  –  138,739,892
  • जापान  –  126,475,664

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