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CUJ में वर्कशॉप: e-KRANTI से साकार होगी एक भारत श्रेष्ठ भारत की कल्पना-एके नायक

डिजिटल युग में डिजिटल वर्कफोर्स को बढ़ाने के लिए शिक्षण संस्थाओं और इंफॉर्मेशन तकनीकी का क्या रोल होगा, इस विषय पर मंथन करने के लिए पांच दिवसीय कार्यशाला(WORKSHOP) का आयोजन का शुभारंभ आज (5 दिसंबर) को झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय में हुआ। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ) के कुलपति प्रोफेसर के. बी. दास ने किया ।

‘एक भारत श्रेष्ठ भारत की कल्पना इस E-क्रांति से साकार होगी’

मुख्य विशेषज्ञ प्रोफेसर ए. के. नायक(AK Nayak) (कंप्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष और भारत के जाने – माने वैज्ञानिक) ने इस मौके पर कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की कल्पना इस e-क्रांति से साकार होगी । देश एक समृद्ध डिजिटल सृष्टि बनने की तरफ अग्रसर है। विजन, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल एंपावर्ड सोसायटी ने भारत की तस्वीर बदलने का काम किया है तथा युवा वर्ग के लिए रोजगार के अवसर प्रदान किया है। अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ गौतम हजारी, चीफ ट्रेनिंग ऑफिसर, सेकुरा मोबाइल इंटेलिजेंस , लंदन ने डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन तथा डिजिटल वर्क फोर्स की बढ़ती जरूरतों के बारे में विस्तार से चर्चा की और भारत के परिदृश्य में डिजिटल करेंसी CBDC के प्रभाव पर प्रकाश डाला।

देश – विदेश के 300 लोगों ने भाग लिया

इस पांच दिवसीय वर्कशॉप में देश – विदेश के 300 लोगों ने भाग लिया। वर्कशॉप के दौरान अन्य मुख्य विशेषज्ञ – पी. के. राठी, मेंटर एंड फाउंडर 3i जोन मुंबई, डॉ. मलई नायक, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आईटी बज लिमिटेड लंदन, और अमूल्य शह, चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर, टीम कंप्यूटर प्राइवेट लिमिटेड, इन विशेषज्ञों के व्याख्यान होंगे।

‘देश को अत्यधिक डिजिटल वर्कफोर्स की जरूरत’

विभागाध्यक्ष कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग प्रोफेसर सुभाष चंद्र यादव ने अतिथियों का स्वागत किया और  बताया डिजिटलाइजेशन के बढ़ते महत्व को देखते हुए तथा इससे उत्पन्न चुनौतियों को प्राप्त करने के लिए देश को अत्यधिक डिजिटल वर्कफोर्स की जरूरत होगी। देश का डिजिटल इंडिया प्रोग्राम तभी सफल होगा जब हम युवाओं को डिजिटल साक्षर बना पाएंगे। युवाओं को रोजगार परत बनाने के लिए तथा डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन से उत्पन्न होने वाली जरूरतों को पूरा करने के लिए शैक्षणिक संस्थाओं तथा आईटी इंडस्ट्री को आपसी सहयोग से काम करना होगा तभी हम नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 को मुल रूप दे पाएंगे। वर्कशॉप के संयोजक डॉ. प्रशांत प्रश्नुन, डॉ. कनौजिया सिंधुबेन बाबूलाल तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने किया।

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