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‘जवाद’ से क्यों सहमी हुई हैं झारखंड की कोल कंपनियां, ‘गुलाब’ का जख्म दोबारा नहीं झेलना चाहतीं

Coal Industry Jharkhand

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात ‘जवाद’ आज कभी भी ओडिशा और आंध्र प्रदेश में दस्तक दे सकता है। इसका असर पश्चिम बंगाल से लेकर अंडमान-निकोबार तक पड़ने की सम्भावना है। इन राज्यों की सरकारों के साथ केन्द्र सरकार भी इस चक्रवात के खतरे और उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निबटने के  लिए तैयार हैं। पश्चिम बंगाल से लेकर अंडमान निकोबार तक अनेकों रेस्क्यू टीमों को तैनात कर दिया गया है।

चक्रवात का असर झारखंड पर भी पड़ेगा। मौसम विभाग ने झारखंड के लिए भी अलर्ट जारी कर दिया है। चक्रवात ‘जवाद’ के असर से झारखंड में भी दो दिन बारिश होगी। बारिश होना तो सामान्य बात है। लेकिन एक क्षेत्र बारिश के डर से परेशान है। यह परेशानी कोल कंपनियों की है। जी हां, झारखंड की कोल कम्पनियां ‘जवाद’ से होने वाली बारिश से डरी हुई हैं। दो महीने पहले चक्रवात ‘गुलाब’ के कारण कोल उत्पादन पर जबरदस्त असर पड़ा था। खदानों में पानी घुस जाने के कारण उत्पादन तो ठप हुआ ही गीले कोयले के कारण बिजली उत्पादन भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ था। यही कारण है कि ‘गुलाब’ के कारण अस्त-व्यस्त हुए कोयला क्षेत्र को याद कर कोयला कंपनियां ‘जवाद’ से सहमी हुई हैं। मौसम विभाग के दावे के अनुसार बीसीसीएल अधिकारी यह जरूर मान रहे हैं कि ‘जवाद’ ‘गुलाब’ के मुकाबले कम असरदार है, फिर भी अगर ज्यादा बारिश हो जाती है तो कोयला उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ जायेगा। ‘गुलाब’ चक्रवात के वक्त कोल कंपनियों को जो परेशानियां झेलनी पड़ी थीं, उससे फिलहाल वे उबर चुकी है।

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