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भ्रष्टाचार कैसे-कैसे! झुग्गी-झोपड़ी, पान दुकान, पेड़ के नीचे चलने वाले ‘राजनीतिक दलों’ के पास कहां से आते हैं हजारों करोड़

Where do thousands of crores come from the slums, the 'parties' that walk under the trees? fake political party

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

शेल कम्पनियां बनाकर कालेधन को सफेद करने के कारनामे तो आपने बहुत सुने होंगे। लेकिन अब इन काले कारोबारियों ने अपने कालेधन को सफेद करने का नया रास्ता निकाल लिया है। शेल कम्पनियों की तरह फर्जी राजनीतिक दल इनके कालेधन को सफेद करने का काम कर रहे हैं। इन्हीं दलों को फंडिंग करके ये कारोबारी अपना कालाधन सफेद कर रहे हैं। इसका अनुमान इनकम टैक्स विभाग को भी नहीं था कि ऐसा गोरखधंधा देश में चल रहा है। यह जानने के बाद तो उनके होश ही उड़ गये और अब इस गोरखधंधे पर अंकुश लगाने में विभाग जुट गया है।

इनकम टैक्स विभाग को अपने आसपास चलने वाले इस गोरखधंधे का जब पता नहीं था तो भला आम आदमी यह कैसे जान सकता है कि जिस झोपड़ी, जिस पान की दुकान, जिस घड़ी की दुकान यहां तक कि किसी पेड़ ने नीचे दुकान चला रहे लोगों को वह देख रहा है, वे कोई धंधा नहीं कर रहे, बल्कि किसी ‘पार्टी के कार्यालय’ हैं। ऐसी ही पार्टियों का भंडाफोड़ आईटी विभाग ने किया है। सबसे हैरतअंगेज बात तो यह है कि इन पार्टियों को छोटी-मोटी नहीं, बल्कि हजारों करोड़ की फंडिंग की गयी है। यही जान कर आईटी विभाग की चूलें हिल गयी हैं। इन पार्टियों को तथाकथित पार्टी भी नहीं कह सकते, क्योंकि ये सभी पार्टियां वाजाप्ते पंजीकृत हैं, हालांकि चुनाव आयोग द्वारा गैर मान्यता प्राप्त हैं।

आईटी विभाग ने अब तक जो जानकारी इकट्ठा की है इसके अनुसार वे कारोबारी इन राजनीतिक दलों को फंडिंग करते हैं, जो सरकार को कर देना नहीं चाहते, लिहाजा उनकी इस काली कमाई ये दल ‘सफेद’ करने का काम करते हैं। खेल बड़ा है तो जाहिर है कि इसका दायरा भी बड़ा होगा। दिल्ली से लेकर मुंबई, यूपी से लेकर छत्तीसगढ़ तक यह गोरखधंधा चल रहा है। यह जानकारी मिलने के बाद आईटी विभाग लगातार ऐसे झोपड़पट्टीनुमा दलों पर छापेमारियां कर रहा है। 250 से ज्यादा ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी कर ऐसे राजनीतिक दलों का भंडाफोड़ किया है। आयकर विभाग की छापेमारी अभी आगे भी जारी रहेगी।

ऐसे जिन राजनीतिक दलों का खुलासा हुआ है इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी में सफलता मिलने के बाद ही पता चला कि वहां कोई राजनीतिक दल संचालित हैं। चुनाव आयोग की तरफ से भले ही इन दलों को कोई मान्यता प्राप्त नहीं है, लेकिन ये दल पार्टी की पूरी संरचना तैयार करके काम कर रहे हैं। बहरहाल, अब ऐसे सभी राजनीतिक दलों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में कई राज्य इसकी जद में आने वाले हैं। निष्कर्ष यही है कि यह सब कुछ सिर्फ और सिर्फ कालेधन को सफेद धन में बदलने के लिए किया जा रहा है।

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