समाचार प्लस
Breaking देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

सब ईश्वर की कृपा है: 15 सितम्बर को खोयी जुड़वां बेटियां, 15 सितम्बर को ही जन्मी जुड़वां बच्चियां

15 सितम्बर को खोयी जुड़वां बेटियां, 15 सितम्बर को ही जन्मी जुड़वां बच्चियां

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

इसे ईश्वरीय चमत्कार नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे कि आंध्र प्रदेश में दो वर्ष पूर्व एक नौका हादसे में एक दंपती ने अपनी जुड़वां बेटियों को खो दिया था, लेकिन दो वर्ष बाद उसी दिन उसके घर जुड़वां बच्चियों ने जन्म लिया। दंपती इसे ईश्वर का चमत्कार मान रहा है।

दो वर्ष पूर्व यह हादसा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम निवासी टी अप्पाला राजू तथा भाग्यलक्ष्मी के साथ हुआ था। 15 सितंबर, 2019 को गोदावरी नदी में हुई नौका दुर्घटना में दोनों ने अपनी जुड़वां बच्चियों को खो दिया था। इस दुर्घटना के बाद दंपती की जिंदगी बहुत गमगीन हो गयी थी, मगर एक बार फिर जुड़वां बच्चियों के जन्म से मानों उनकी तमाम खुशियां वापस आ गयी हैं। भाग्यलक्ष्मी ने जुड़वां बच्चियों के जन्म पर मुस्कुराते हुए कहा, ‘हम बहुत खुश और धन्य हैं। यह सब ईश्वर की कृपा है।’

दो वर्ष पहले नौका दुर्घटना में खो दी थीं जुड़वां बेटियां

दो वर्ष पूर्व, 15 सितम्बर, 2019 को राजू की मां अपनी दोनों पोतियों को साथ लेकर नौका से तेलंगाना के भद्राचलम स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर जा रही थीं। तभी वह नाव दुर्घटनाग्रस्त हो गयी और इसमें दोनों बच्चियों की मौत हो गयी। कांच निर्माण इकाई में काम करने वाली भाग्यलक्ष्मी तथा उनके पति राजू पर मानों दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हताश दंपती ने फिर से बच्चों के लिए बीते वर्ष फर्टिलिटी सेंटर से कांटेक्ट किया था। मगर कोरोना की वजह से वे वैसा नहीं कर पाये। लेकिन इस वर्ष आईवीएफ प्रक्रिया के माध्यम से 15 सितंबर, 2021 को उनकी जुड़वां बच्चियों का जन्म हुआ।

यह भी पढ़ें: Funny Video : हिरण की पीठ पर बैठकर शरारती बंदर ने की सवारी, वीडियो देख हंसी नहीं रोक पाएंगे आप

Related posts

बिहार के मोतिहारी में बड़ा हादसा, नाव पलटने से 22 लोग डूबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Manoj Singh

Caste Census : अब हेमंत सोरेन क्यों कर रहे हैं ‘जाति आधारित जनगणना’ की मांग, क्या हैं इसके फायदे और नुकसान…

Manoj Singh

10 Flash Points, 20 Years :अब मनीष तिवारी की किताब पर घमासान,मनमोहन सरकार पर वार, BJP ने घेरा

Manoj Singh

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.