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केरल में Corona से हालात बिगड़े, क्या देश में तीसरी लहर का जिम्मेदार बनेगा ?

केरल में Corona से हालात बिगड़े

देश में महाराष्ट्र और केरल में Corona के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. कहने को तो केरल में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतरीन हैं लेकिन केरल के ताजा हालात ये बताते हैं कि वहां की सरकार कोविड (Covid) पर लगाम कसने में नाकाम साबित हुई हैं.  महाराष्ट्र की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है.

केरल में  बढ़ते कोरोना मामलों के बीच केरल सरकार की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने राज्य में दो दिनों का पूर्ण लॉकडाउन घोषित किया है। केरल में 31 जुलाई से 1 अगस्त तक पूरी तरह से पाबंदियां लागू होंगी।

लॉकडाउन लगाने का फैसला

कोरोना के केस एक बार फिर बढ़ने शुरू हुए हैं। पिछले 20 दिनों में सबसे ज्यादा केस पिछले 24 घंटे में सामने आए हैं। देशभर में आ रहे कुल केस में से 50 फीसदी केस केरल से है, जिसके बाद केरल में लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया गया है।

केरल में कोरोना संक्रमण के मामलों में अचानक से बेतहाशा वृद्धि देखने को मिल रही है। केरल में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टीम केरल भेजी है।

बकरीद के दौरान राज्य में लॉकडाउन में ढील भी बना कारण

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने हाल ही में केरल में मनाए गए ईद को ‘सुपर स्प्रेडर इवेंट्स’ बताते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि कोरोना के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालने करने की आवश्यकता है। त्योहार/सामाजिक समारोह के दौरान कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन कराए जाने की आवश्यकता है ताकि महामारी पर काबू पाया जा सके। बता दें कि केरल सरकार ने ईद के दौरान राज्य में लॉकडाउन में ढील दे दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी नाराजगी जताई थी।

50 फीसदी मामले केरल में

कोरोना की दूसरी लहर अभी गई नहीं है। केरल, महाराष्ट्र और नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों से कोरोना के ज्यादा मामले आ रहे हैं। दूसरी लहर पीक में पहुंचने के बाद कोरोना के मामले गिरने शुरू हुए थे, जिस तरह केस में कमी आ रही थी, वह रफ्तार अब थम सी गई है।

80 फीसदी केस केरल, महाराष्ट्र और नॉर्थ ईस्ट के

हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, रोजाना 4 लाख मामलों से घटकर 2 लाख तक पहुंचने में 26 दिनों का वक्त लगा था। 2 लाख केस से 1 लाख तक आने में 11 दिन का वक्त लगा। रोज 1 लाख से रोज 50 हजार केस तक आने में 20 दिन लगे, लेकिन अब पिछले 31 दिनों से नए केस 30 से 40 हजार के बीच आ रहे हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक बुधवार को आए आंकड़ों में 80 फीसदी मामले केरल, महाराष्ट्र और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से हैं।

झारखंड ने दूसरी लहर को काफी मशक्क्त के बाद काबू में किया

झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर ने कहर बरपाया था, लेकिन धीरे-धीरे लहर शांत हुई और यहां बेक़ाबू हो रही स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया, लेकिन केरल में तेजी से फ़ैल रहे संक्रमण ने तीसरी लहर के आने के आने का संकेत मान  जा सकता है। माना यह जा रहा है कि तीसरी लहर भी आएगी जिसको लेकर सबसे ज्यादा बच्चे इस वायरस से संक्रमित होंगे।वैसे इसके खतरे से निपटने के लिए सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली है।

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