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Bandhu Tirkey दोषी करार, आय से अधिक संपत्ति मामले में CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया  है. कोर्ट ने इस मामले में मांडर विधायक बंधु तिर्की को दोषी करार दिया है.  साथ ही 3 साल की सजा का ऐलान किया गया है. बंधु तिर्की को सजा मिलने के बाद उनकी सदस्यता जाने की आंशका जतायी जा रही है.  यह मामला वर्ष 2010 में दर्ज किया गया था. इस केस का नंबर आरसी 5(A) 2010 है. CBI  के मुताबिक बंधु तिर्की ने अपने विधायक और मंत्री रहने के दौरान वर्ष 2005 से लेकर वर्ष 2009 के बीच 6 लाख 28 हज़ार 698 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है.

क्या है मामला 

सीबीआई ने अवैध संपत्ति को लेकर मई 2005 से 30 जून 2009 तक की अवधि को सेपरेट मानते हुए जांच शुरू की थी. इस दौरान सीबीआई ने बंधु तिर्की की आय 13 लाख 37 हजार रुपये का आकलन किया था. इसी मामले में बंधु तिर्की जेल भी जा चुके हैं और जमानत पर बाहर हैं. अब ट्रायल खत्म हो गया है और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

बंधु तिर्की के खिलाफ मंत्री रहते करीब छह लाख रुपये आय से अधिक अर्जित करने का आरोप है. सीबीआइ कोर्ट में बंधु तिर्की की ओर से 24 फरवरी से लगातार बहस की जा रही थी. बचाव पक्ष की बहस पूरी होने के बाद सीबीआई की ओर से बहस की गई. दोनों पक्षों की बहस समाप्त होने के बाद अदालत ने फैसले की तिथि तय की थी

.कोर्ट की सख्ती के बाद सुनवाई में तेजी आई

सीबीआई के विशेष जज पीके शर्मा की अदालत ने पिछले दिनों बंधु तिर्की को बहस प्रारंभ करने का निर्देश दिया था. मामले में सीबीआई की ओर से 6 दिसंबर 2019 को ही बहस पूरी होने के बाद बंधु तिर्की का बयान दर्ज किया गया था. बयान के बाद उनकी ओर से अपने बचाव में गवाहों को पेश किया गया. 5 मार्च 2020 को गवाही बंद होने के बाद मामला बहस पर चला गया था . कोविड-19 के कारण भी मामले की सुनवाई प्रभावित रही. हालांकि कोर्ट की सख्ती के बाद सुनवाई में तेजी आई.

निगरानी के बाद सीबीआई ने दर्ज किया था केस

झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री व रांची जिले के मांडर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बंधु तिर्की से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में अभियोजन की ओर से 21 तथा बचाव पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किये गये थे. इस मामले में सूचक सामाजिक कार्यकर्ता राजीव शर्मा हैं. इन्होंने 2009 में निगरानी कोर्ट में शिकायतवाद दाखिल किया था. निगरानी कोर्ट ने एक जुलाई 2009 को जांच का आदेश दिया था. 2010 में पहले एसीबी में मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद विधायक बंधु तिर्की पर आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई ने एक अगस्त 2010 को (आरसी-5 ए/ 2010) केस दर्ज किया था.

इस मामले में पहले भी जेल जा चुके हैं बंधु तिर्की

पूर्व मंत्री बंधु तिर्की इस मामले में जेल जा चुके हैं और जमानत पर बाहर थे . सीबीआई ने बंधु तिर्की के खिलाफ मधु कोड़ा कांड में 11 अगस्त 2010 को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी.
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