समाचार प्लस
Breaking झारखण्ड फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर बिहार

झारखंड और बिहार की हवा हो रही जहरीली, झारखंड रेड जोन में, बिहार पराली से परेशान

The air of Jharkhand and Bihar is getting poisonous, Jharkhand now in red zone

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

प्रदूषण को लेकर एक रिपोर्ट आयी है, यह झारखंड के लिए ही नहीं, बिहार के लिए भी बड़ी चेतावनी है। रिपोर्ट बता रही है कि झारखंड और बिहार की हवा दिनोदिन खराब होती जा रही है। अगले आने वाले सालों में तो इसमें और इजाफा होगा। इस रिपोर्ट ने 2023 में झारखंड के प्रदूषण में 5 फीसदी इजाफा का अनुमान जताया है जिसकी वजह एरोसोल को माना जा रहा है।  केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा यह रिपोर्ट जारी की गयी है। देश के 177 शहरों के प्रदूषण के अध्ययन के बाद यह रिपोर्ट जारी की गयी है।

पावर प्लांट और गाड़ियों की बढ़ती संख्या ने बढ़ाया झारखंड में प्रदूषण

झारखंड के जो क्षेत्र अत्यधिक असुरक्षित हैं या यो कहें रेड जोन में हैं, वहां एरसोल प्रदूषण की मात्रा ज्यादा पायी गयी है। बढ़ते प्रदूषण की दो वजहें बतायी गयी हैं, एक- पावर प्लांट से होने वाला उत्सर्जन और दो-सड़कों पर गाड़ियों की भरमार। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 13 गीगावाट प्रदूषण सिर्फ गाड़ियों के कारण है। वहीं, थर्मल पावर प्लांट के कारण 49 फीसदी प्रदूषण है। बची-खुची कसर वेस्ट बर्निंग तथा दूसरे माध्यम पूरे कर दे रहे हैं। इन पर नियंत्रण लगाने की सलाह दी गयी है। भारत में राज्यस्तरीय एरोसोल प्रदूषण का अध्ययन का अध्ययन किया गया है, इस अध्ययन में पाया गया है कि झारखंड वर्तमान में रेड जोन में है, जो 0.5 से अधिक एओडी वाला अत्यधिक असुरक्षित क्षेत्र है।

बिहार के छह जिलों की हवा बेहद खराब

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की रिपोर्ट बताती है कि बिहार के छह शहरों की हवा बहुत खतरनाक हो गई है। पराली जलाने और धुंध बढ़ने को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। देश भर में प्रदूषित शहरों में मोतिहारी पहले स्थान पर है। मोतिहारी का सूचकांक 425 है। यह दिल्ली के वर्तमान प्रदूषण सूचकांक वहीं दिल्ली जो अभी गैस चेम्बर में तब्दील हो चुकी है, उसका सूचकांक 341 है। राज्य के छह शहरों में जिसकी हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। उसमें मोतिहारी, बेतिया, दरभंगा, बक्सर, बेगूसराय, छपरा, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, दरभंगा शामिल हैं। यहां की हवा इतनी दूषित हो चुकी है कि अब सांस लेना मुश्किल हो गया है। इससे सांस के मरीजों को मुश्किल होने लगी है। मोतिहारी में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले सामने आये हैं। सीवान में भी पराली जलाने की घटनाएं काफी बढ़ी हैं।

यह भी पढ़ें: ‘अबकी बार 75 पार’, वाकई दम है सीएम Hemant Soren के बयान में

Related posts

BAU डीन के बेटे को यौन शोषण मामले में हाई कोर्ट से मिली जमानत, जेल से रिहा

Manoj Singh

BPSC ने जारी किया Exam Calendar ,यहां देखें Exam Schedule

Sumeet Roy

पंजाब चुनाव में भगवंत मान होंगे AAP के CM उम्मीदवार, अरविंद केजरीवाल ने किया ऐलान

Sumeet Roy