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अफगानिस्तान में तालिबान का ‘हत्याचार’ शुरू! Door to Door ‘गद्दारों’ को तलाश रहे

अफगानिस्तान में तालिबान का ‘हत्याचार’ शुरू!

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

जैसी की उम्मीद थी, तालिबान अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद अपनी हरकतों के बाज नहीं आयेगा। हो भी वैसा ही रहा है। तालिबान इन दिनों अपने ‘दुश्मनों’ की तलाश में व्यस्त है। तालिबान उन्हें तलाश रहा है जिन्होंने नाटो और अमेरिकी बलों के लिए या तो काम किया है या उनको सहयोग किया है। यानी तालिबान ने झूठ कहा था कि शासन सम्भालने के बाद वह ‘बदले का अभियान’ नहीं चलाएगा, मगर अफगानिस्तान से ‘गद्दारों’ और शिया मुसलमानों के खिलाफ खतरनाक तालिबानी अभियान की खबरें आ रही हैं। एक ओर तो तालिबान पश्चिमी देशों से अपने लिए मान्यता लेने की कोशिश कर रहा है, दूसरी ओर अफगानिस्तान में ‘हिटलर वाला’ अभियान चला रखा है।

अमेरिकी मददगारों को खत्म करने का तालिबानी अभियान

अफगानिस्तानी सैनिकों या फिर अमेरिकी सैनिकों की मदद करने वालों का यह ‘सर्च अभियान’ बिल्कुल हिटलर के नाजी स्टाइल में है। तालिबानियों ने घर-घर सर्च ऑपरेशन चला रखा है। तालिबान उन सभी लोगों को मारने की बातें कह रहे हैं, जिन्होंने अफगान या अमेरिकन सैनिकों की मदद की थी। पिछले 20 सालों के दौरान अफगानिस्तान के हजारों लोगों ने अमेरिकन सैनिकों और अफगानिस्तान सैनिकों की तालिबान के खिलाफ मदद की थी। इन्हीं को तलाश कर उन्हें खत्म करने का अभियान तालिबान ने चला रखा है। तालिबान की नजर में ऐसे लोग गद्दार हैं।

नया मुखबिर नेटवर्क तैयार कर रहा तालिबान

तालिबान इस समय फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है। वह अपने लिए कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। तभी वह सभी प्रमुख शहरों का अधिग्रहण करने से पहले सभी व्यक्तियों की अग्रिम मैपिंग कर लेना चाह रहा है। यही नहीं, काबुल हवाई अड्डे से कुछ विदेशी कर्मियों को निकालने की अनुमति देने से पहले उनकी  स्क्रीनिंग कर रहा है। कुल मिलाकर वहां की स्थिति ‘अराजक’ बनी हुई है। तालिबान एक नया मुखबिर नेटवर्क तैयार करने में लगा हुआ है जो नये शासन के साथ पूरा सहयोग करे।

संघर्ष के कारकों को खत्म करना चाहता है तालिबान

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान सरकार को उखाड़ फेंकने के बाद तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, हम संघर्ष के कारकों को खत्म करना चाहते हैं। इसलिए, इस्लामिक अमीरात की किसी के प्रति किसी भी तरह की दुश्मनी नहीं है। उसने कहा था कि सभी दुश्मनी ‘समाप्त हो गई हैं। मुजाहिद ने कहा था कि विद्रोही समूह ‘किसी भी संघर्ष, किसी भी युद्ध को दोहराना’ नहीं चाहता है।

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