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108 वर्ष बाद कनाडा से लौटी मां अन्नपूर्णा की मूर्ति, देवोत्थान के दिन काशी विश्वनाथ में होगी स्थापित

Maa Annapurna

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

108 साल पहले भारत से चुराकर कनाडा ले जायी गयी मां अन्नपूर्णा की मूर्ति वापस आ गयी है। दिल्ली में कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री हरिदीप सिंह पुरी और मीनाक्षी लेखी ने मां अन्नपूर्णा की वंदना की। कार्यक्रम में विशिष्ठ अ​तिथि शामिल हुए। आज यह  मूर्ति यूपी सरकार को सौंप दी जायेगी। 15 नवंबर को पूरे विधि-विधानस से काशी विश्वनाथ मंदिर में मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। प्रतिमा 18वीं शताब्दी की बतायी जा रही है। इस प्रतिमा में मां अन्नपूर्णा के एक हाथ में खीर की कटोरी और एक चम्मच को देखा जा सकता है। प्रतिमा 1913 में काशी के एक घाट से चुरा ली गई थी। मां अन्नपूर्णा की यह प्रतिमा कनाडा के मैकेंजी आर्ट गैलरी में रेजिना विश्वविद्यालय के संग्रह का हिस्सा थी। एक आर्टिस्ट की नजर इस मूर्ति पर पड़ी, उसके बाद उसे वापस लाने की प्रक्रिया आरम्भ की गयी।

कैसे वापस मिली ये मूर्ति?

बीते दिनों वर्ल्ड हेरिटेज वीक की शुरुआत होने के दौरान भारतीय मूल की एक आर्टिस्ट दिव्या मेहरा की नजर इस मूर्ति पर पड़ी थी। दिव्या मेहरा ने इसे पहचान लिया। फिर उन्होंने इस मुद्दे को उठाया और सरकार को इससे अवगत कराया। मैकेंजी आर्ट गैलरी में रेजिना विश्वविद्यालय के संग्रह से माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा को अंतरिम राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय के उपकुलपति थॉमस चेस ने कनाडा में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को एक समारोह में सौंप भी दिया है। कनाडा में जन्मी दिव्‍या मेहरा वर्तमान में विंनिपेग, कनाडा और नयी दिल्ली, भारत में रह रही हैं। उन्‍हीं के प्रयासों से यह मूर्ति वापस आ सकी।

यूपी के 18 जिलों के भ्रमण के बाद 15 नवम्बर को स्थापित होगी प्रतिमा

आज दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद को यह प्रतिमा सौंप दी जायेगी। इसके पश्चात प्रतिमा की पुनर्स्थापना यात्रा आरम्भ होगी। मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा का 18 जिलों में भक्तों को दर्शन कराया जाएगा। इसके बाद यह 14 नवंबर को काशी पहुंचेगी। 15 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के खास मौके पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के नवीन परिसर में सीएम योगी आदित्यनाथ पूरे विधि-विधान से प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा करेंगे।

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