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भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति की बैठक, प्रदेश अध्यक्ष ने गिनाई उपलब्धियां

भाजपा किसान मोर्चा की पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक में हेमंत सरकार को घेरने की रणनीति बनी। भाजपा ने सरकार को घेरने के लिए पंचायत स्तर तक सरकार के खिलाफ आंदोलन का राजनीतिक प्रस्ताव कार्यकारिणी में पास किया है।

शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्रकाश, मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. शंभू कुमार, प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू, मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू, मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी यादव, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य त्रिपुरा के प्रभारी अशोक सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्धघाटन किया। मौके पर दीपक प्रकाश ने कहा कि राज्य सरकार बिचौलियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि किसानों को कृषि कार्य के लिए मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना, जिसके तहत पांच एकड़ तक के भूमि वाले किसान को प्रति एकड़ 5000 रुपये की दर से अधिकतम 25000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही थी, उसे भी हेमंत सरकार ने बंद कर दिया। धान खरीद का पैसा किसानों को नहीं मिला। इस पुराने बकाए को भी जल्द से जल्द देने का कार्य करें।

कृषि ऋण माफ नहीं हुआ

दीपक प्रकाश ने कहा कि झामुमो ने चुनाव पूर्व दो लाख तक कृषि ऋण माफी का वादा किया था, लेकिन यह सिर्फ चुनावी घोषणा ही बनकर रह गया। किसानों के द्वारा कराए गए फसल बीमा की क्षतिपूर्ति भी सरकार किसानों को दिलाने में नाकाम रही है। प्रदेश कार्यसमिति बैठक की अध्यक्षता कर रहे पवन साहू ने अध्यक्षीय एवं स्वागत भाषण दिया। पवन साहू ने कहा कि एक तरफ देश में मोदी सरकार दिन-रात किसान हित में कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद की संयुक्त सरकार किसानों के अस्तित्व को ही मिटाने पर तुली हुई है। राजनीति प्रस्ताव प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने प्रस्तुत किया एवं समर्थन प्रदेश मंत्री प्रभात सिंह और प्रदेश मंत्री मनमीत अकेला ने किया l भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ शंभू कुमार ने झारखंड किसान मोर्चा के द्वारा किए जा रहे कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा केंद्र की अनेकों किसान कल्याणकारी योजनाओं को राज्य के सभी किसानों तक पहुंचाने का कार्य करना किसान मोर्चा के हर कार्यकर्ताओं का दायित्व है।

ये राजनीतिक प्रस्ताव हुए पारित

– कृषि आशीर्वाद योजना पुनः लागू की जाए। प्रत्येक जिले में किसान बैंक की स्थापना की जाए। बीज ग्राम योजना की राशि से दिया जाए, फसल बीमा योजना को सख्ती से लागू कर किसानों को राहत दी जाए।

-चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार प्रत्येक प्रखंड में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था की जाए। वर्षा आधारित कृषि को सिंचाई से अविलंब जोड़ा जाए। किसान क्रेडिट कार्ड के सभी लंबित मामलों को अविलंब निपटारा किया जाए।

-झारखंड की मिट्टी में पोषक तत्वों की समस्या और समाधान पर राज्य सरकार सार्थक पहल करे, जीवाणु एवं जैविक खाद किसानों के बीच उपलब्ध कराने की राज्य सरकार पहल करे। धान अधिप्राप्ति प्रत्येक पंचायत में हो तथा छोटे और सीमांत किसानों का पंजीकरण आधार के माध्यम से गांव में जाकर किया जाए।

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