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आज से Single Use Plastic बैन! उपयोग, बिक्री, भंडारण, उत्पादन किया तो लगेगा तगड़ा जुर्माना

Single Use Plastic Ban Today! If used, produced, there will be a heavy fine

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

देश में आज से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध है। केन्द्र सरकार ने करीब 19 वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया है। इसके उपयोग से लेकर उत्पादन तक पर तगड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 4 साल पहले से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से खत्म करना शुरू कर दिया था। अब 1 जुलाई, 2022 से प्रतिबंध को पूरी तरह से फॉलो किया जाएगा। आज से सिंगल यूज प्लास्टिक का न तो इस्तेमाल होगा, न बिक्री होगी, न भंडारण होगा और न ही उत्पादन होगा।

आज से इन वस्तुओं पर लग चुका है प्रतिबंध

आज से करीब 19 वस्तुओं के निर्माण, भंडारण, आयात, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लग जाएगा। CPCB ने 1 जुलाई से बैन होने वाले आइट्मस की लिस्ट भी जारी की है, जो इस प्रकार है-

  1. प्लास्टिक कैरी बैग
  2. प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स
  3. गुब्बारे के लिए प्लास्टिक स्टिक
  4. कैंडी स्टिक, आइस्क्रीम स्टीक
  5. प्लास्टिक के झंडे
  6. थर्माकोल (पॉलिस्ट्रीन)
  7. प्लास्टिक की प्लेट
  8. प्लास्टिक के कप
  9. प्लास्टिक के गिलास
  10. प्लास्टिक के कांट
  11. प्लास्टिक के चम्मच
  12. चाकू
  13. स्ट्रॉ
  14. प्लास्टिक ट्रे
  15. मिठाई के डिब्बों को रैप या पैक करने वाले फिल्म
  16. इन्विटेशन कार्ड
  17. सिगरेट के पैकेट
  18. 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसे बैनर
  19. स्टिरर (पेय पदार्थ घोलने में काम आने वाली स्टिक)
उपयोग, भंडारण, उत्पादन पर मिलेगी सजा

सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए सजा और जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। अगर कोई इनका उपयोग करता पाया जाता है तो उस पर 500 से 2000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन, आयात, भंडारण और बिक्री पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत दोषी पाए जाने पर 20 हजार से लेकर 1 लाख रुपए का जुर्माने या फिर पांच साल तक की सजा का प्रावधान है।

क्या होता है सिंगल यूज प्लास्टिक

सिंगल यूज प्लास्टिक ऐसा पदार्थ है जो एक बार इस्तेमाल में आता है। चूंकि इन्हें आसानी से नष्ट नहीं किया जा सकता, इसले इससे प्रदूषण बढ़ता है। न तो इसको रिसाइकिल किया जा सकता और न ही इन्हें जलाया जा सकता है। इससे पर्यावरण दिनोदिन जहरीला होता जा रहा है जो इनसान और पशु दोनों के लिए हानिकारक हैं।

विकल्प और रोजगार एक जटिल प्रश्न

प्लास्टिक का उपयोग बंद होने से एक समस्या सामने आयी है। एक, बाजार में इन चीजों का विकल्प क्या होगा और दो, रोजगार की समस्या। चूंकि सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद किये जाने की प्रक्रिया लम्बे समय से जारी है, इसलिए इसके विकल्प पर भी काम चल रहा है। कुछ विकल्प तो अब तक बाजार में आ भी चुके हैं। हां, रोजगार एक बड़ी समस्या जरूर है। आंकड़े बताते हैं कि प्लास्टिक उद्योग में भारत में 40 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। प्लास्टिक पर प्रतिबंध से इनके रोजगार पर संकट तो है,  लेकिन चूंकि प्लास्टिक प्रोडक्ट्स के विकल्प भी तैयार किए जा रहे हैं, इससे इनके रोजगार पर विशेष अंतर पड़ने की सम्भावना कम है। करीब 200 कंपनियां अल्टरनेटिव प्रोडक्ट के साथ कई स्टार्टअप्स भी सामने आए हैं जिससे रोजगार की नयी उम्मीदें भी बनी हैं। इसके साथ ही इस्तेमाल की वैकल्पिक वस्तुओं के साथ ही वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जिसका असर आने वाले दिनों में दिखने लगेगा।

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