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NY: ‘सैटनिक वर्सेज’ के लेखक के साथ ‘सैटनिक हरकत’, 33 साल बाद खुमैनी के फतवे पर अमल?

'Satonic Harkat' with the author of 'Satnic Verses', after 33 years fatwa is implemented?

रुश्दी पर हमले से खुश हो गया ईरान

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

भारतीय मूल के ब्रिटिश-अमेरिकी लेखक सलमान रुश्दी पर पश्चिमी न्यूयॉर्क में जानलेवा हमला हुआ है। वह जब मंच पर एक कार्यक्रम को संबोधन कर रहे थे तभी एक हमलावर मंच पर चढ़ आया और उसने ताबड़तोड़ 15 वार उन पर कर दिये। घटना के बाद मंच पर खून के छींटे बिखर गये। घायल रुश्दी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि रुश्दी का हालत गंभीर है। उनकी एक आंख की रोशनी जाने का भी भय है।

‘द सैटेनिक वर्सेस’ किताब लिखने से चर्चा में आये सलमान रुश्दी का हमलावर तो गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन 25 साल के इस हमलावर ने रुश्दी पर हमला क्यों किया, इसकी जानकारी पुलिस न शेयर नहीं की है। माना यही जा रहा है कि रुश्दी पर हमला की वजह 33 साल पहले लिखी गयी उनकी किताब ‘द सैटेनिक वर्सेस’ ही है। उन्होंने वर्षों पहले इस किताब में इस्लाम के नजरिये से पैगम्बर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। लेकिन हमलावर को किसने और क्यों भेजा था, इसकी जानकारी नहीं हो पायी है।

रुश्दी ‘द सैटेनिक वर्सेस’ के कारण आये थे चर्चा में

सलमान रुश्दी ने अब तक कई किताबें लिखीं है। जिनमें ‘द सैटेनिक वर्सेस’ और ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रेन’ जैसी किताबें काफी चर्चित रही हैं। लेकिन ‘सैटेनिक वर्सेस’ किताब के कारण वह ज्यादा चर्चा में रहे हैं। इस किताब के लिए उन्हें ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के फतवे का सामना करना पड़ा था। रुश्दी की किताब ‘द सैटेनिक वर्सेज’ 1988 में प्रकाशित हुई थी। इस किताब के कारण उन पर पैगंबर मोहम्मद के अपमान का आरोप लगा था, क्योंकि उन्होंने मुस्लिम परंपरा खुल कर लिखा। जिस कारण किताब को कई मुस्लिम देशों में बैन कर दिया गया था। इतना ही नहीं ईरान के धार्मिक नेता अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी ने उनके लिए मौत का फतवा तक जारी कर दिया था।

रुश्दी अपने दूसरे ही उपन्यास मिडनाइट्स चिल्ड्रन के लिए 1981 में बुकर प्राइज और 1983 में बेस्ट ऑफ द बुकर्स पुरस्कार से सम्मानित किए गए। उनकी चर्चित किताबों में ‘द जैगुअर स्माइल’, ;द मूर्स लास्ट साई’, ‘द ग्राउंड बिनीथ हर फीट’ और ‘शालीमार द क्लाउन’ शामिल हैं।

सलमान रुश्दी पर हमले से खुश है ईरान

‘द सैटेनिक वर्सेज’ के प्रतिबंधित करने वाला ईरान रुश्दी पर हुए हमले से खुश है। रुश्दी पर हमले के बाद उनके खिलाफ खुमैनी का पुराना बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ईरान ने हालांकि कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सरकार के समर्थक इस हमले की सराहना कर रहे हैं। वे तो यह भी कह रहे हैं कि खुमैनी का फतवा 33 साल बाद काम कर रहा है। इसके अलावा सीरिया के एक न्यूज आउटलेट ने लिखा कि रुश्दी मरता है या नहीं, इससे उसे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन हमला बता रहा है कि लड़ाई खत्म नहीं हुई। उसने यह भी लिखा कि ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी को मारने वाले अमेरिकी अधिकारियों को भी इस हमले से डर लगेगा।

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