Sarhul 2025: पाहन ने इस साल सामान्य से कम बारिश का लगाया अनुमान! जानें, क्या है सरहुल की मान्यता

रांची: पूरे झारखंड में सरहुल का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस दौरान सरना स्थल पर प्रकृति, पूर्वज और देवी देवताओं की पूजा की गई. सरना स्थल पर दो घड़े में रखे पानी का आकलन कर हतमा सरना समिति के पुजारी जगलाल पाहन ने बताया कि इस साल सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है.

पूजा में बलि प्रथा की मान्यता

इससे पहले पुजारी जगलाल पाहन ने सरना स्थल पर विधि विधान के साथ देवी देवताओं, प्रकृति और पूर्वजों की पूजा की. इस दौरान सफेद यानी चरका मुर्गे की बलि भगवान सिंगबोंगा को, रंगवा मुर्गे की बलि जल देवता यानी इकिर बोंगा को, रंगली मुर्गे की बलि पूर्वजों को और काले मुर्गे की बलि अनिष्ट करने वाली आत्माओं की शांति के लिए दी गई. पूजा के बाद घड़े में रखे पानी से पाहन को स्नान कराया गया. थाली में उनके पैर धोए गए. इसके बाद पाहन ने बारिश की भविष्यवाणी की.

अखड़ा से शोभायात्रा निकालने की तैयारीपुजारी

बता दें कि पिछले साल यानी 2024 में सरहुल पूजा के दौरान पहन में अच्छे मानसून के भविष्यवाणी की थी. उसका नतीजा भी दिखा था. लेकिन इस साल औसत से कम बारिश की भविष्यवाणी किसानों के लिए चिंता का विषय है. फिलहाल अलग-अलग अखड़ा से शोभायात्रा निकालने की तैयारी चल रही है. दोपहर 12:00 बजे के बाद शोभा यात्रा निकालनी शुरू हो जाएगी. इस दौरान आदिवासी संस्कृति की बेहतरीन छटा देखने को मिलेगी.

‘मौसम को देखते हुए कृषि कार्य शुरू करें. मौसम के भविष्यवाणी की परंपरा आदिकाल से चलती आ रही है. जब साइंस डेवलप नहीं हुआ था, उस समय आदिवासियों के पूर्वज प्रकृति के तौर तरीकों का आंकलन कर अनुमान लगाते थे कि मानसून कैसा रहेगा. यह परंपरा सदियों से चलती आ रही है’: पुजारी जगलाल पाहन.