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Samachar Plus Appeal: जानलेवा हो सकता है मोबाइल, सड़क पर चलते, वाहन चलाते वक्त ना करें इस्तेमाल…

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

मोबाइल हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा है, लेकिन हम हमेशा इसका हिस्सा बने रहें, यह भी हम पर ही निर्भर है। बस, इसके लिए हमारी थोड़ी-सी सावधानी ही काफी है, वरना ‘नजर हटी, दुर्घटना घटी’ वाली कहावत सिद्ध हो सकती है। कभी-कभी तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि जिन्दगी हमें दोबारा मौका ही नहीं देती। शुक्रवार को बिरसा चौक पर एक शिक्षिका के साथ ऐसा ही हुआ। ईश्वर करे, कभी किसी के साथ ऐसा न हो। परन्तु खुद को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी खुद की ही होती है।

इस घटना से लें सबक

दुर्घटना किसी आम के साथ नहीं, बल्कि एक शिक्षिका के साथ हुई थी। डीएवी आलोक की संगीत शिक्षिका ज्योति कर्ण मोबाइल पर बात करते हुए सड़क पार कर रही थीं। तभी तेज गति से आ रहे ऑटो ने उन्हें धक्का मार दिया। गंभीर हालत में उन्हें हिनू स्थित सृष्टि अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसा जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के बिरसा चौक स्थित नागेश्वर महतो पेट्रोल पंप के पास हुआ। उनके सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट आयी थी जो उनकी मौत की वजह बनी।

सवाल

क्या, कभी भी, कहीं भी, किसी भी स्थिति में मोबाइल पर हमारा बात करना इतना आवश्यक है कि हम अपने आस-पास की चीजों को भूल जायें? बात करना जरूरी ही है तो हम कहीं पर रुक भी तो सकते हैं। हमें जहां जाना है, वहां दो-मिनट देर से ही न पहुंचेंगे। अपना सब कुछ खो देने से तो यह बेहतर है। कल के हादसे में क्या मिला। इस शिक्षिका ने अपनी जिन्दगी खो दी। शिक्षिका के दो बच्चों ने हमेशा-हमेशा के लिए अपनी मां को खो दिया। किस लिए? बस, थोड़ी से फोन पर बात कर लेने के लिए?

‘समाचार-प्लस’ की अपील

‘समाचार-प्लस’ अपने तमाम सुधी पाठकों से हार्दिक अपील करता है कि कृपया मोबाइल का इस्तेमाल करते समय पूरी तरह सावधान रहें। क्योंकि यह पूरी तरह से खतरनाक है। हम सभी जानते हैं कि जब हम फोन पर बात कर रहे होते हैं तब हमारा ध्यान आस-पास की चीजों से पूरी तरह से हट जाता है। आस-पास की आवाजें हमारे कानों तक नहीं पहुंच पातीं। मोबाइल पर बात करना बेहद जरूरी है तो बेहतर होगा कि कहीं रुक जायें। सड़क पर चल रहे हैं तो सड़क के किनारे हो जायें। वाहन से जा रहे हैं तो वाहन किनारे रोक कर बात करें। यह सुरक्षित तरीका है। आपकी सुरक्षा ही हमारा उद्देश्य है। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें।

थोड़ी विशेषज्ञों की भी सुन लीजिये!

विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल फोन पर बात करने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। मोबाइल पर गाना सुनने या बात करने से दिमाग की एकाग्रता खत्म हो जाती है और दिमाग आने वाले खतरे को महसूस नहीं कर पाता और हादसा हो जाता है।

ह्यूमन फाउंडेशन के अध्यक्ष रियाज शरीफ का कहना है कि वाहन चलाते समय ईयर फोन कान में लगाना युवाओं का फैशन बन गया है। सड़क पर गुजरने वाले हर 10 युवाओं में से आठ के कान में ईयर फोन जरूर होता है। इसी वजह से हादसे बढ़ रहे हैं। ऐसा करके वह अपने साथ दूसरों की जान भी खतरे में डालते हैं। यही वजह है कि मोबाइल फोन अब हादसों का सबसे बड़ा कारण बनते जा रहे हैं।

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