समाचार प्लस
Breaking झारखण्ड देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

‘राज्यपाल सम्मेलन-2021’ में रमेश बैस ने राज्यपाल के अधिकार खत्म किये जाने की राष्ट्रपति को दी जानकारी

Governor Ramesh Bais

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड

‘राज्यपाल सम्मेलन-2021’ में झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष राज्य की उपलब्धियां भी गिनायीं, साथ ही उन कमियों को भी प्रस्तुत किया जो राज्य के विकास में बाधक हैं। अपने संबोधन में राज्यपाल बैस ने जनजातीय परामर्शदातृ परिषद (टीएसी) के गठन तथा सदस्यों के मनोनयन में राज्यपाल की शक्तियां समाप्‍त क‍िए जाने की जानकारी भी राष्ट्रपति को दी। उन्होंने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित राज्यपालों के 51वें सम्मेलन में कहा कि वे इस पर विधि परामर्श ले रहे हैं। परामर्श मिलने के बाद इस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रपति कोविंद की अध्यक्षता में राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित 51वें राज्यपाल सम्मेलन में झारखण्ड के राज्यपाल महोदय रमेश बैस ने भाग लिया। राष्ट्रपति कोविंद ने कई राज्यों के आये राज्यपालों को सुनने के बाद उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की।

राज्य में क्या हैं सम्भावनाएं
  • राज्यपाल रमेश बैस ने झारखंड को सम्भावनाओं वाला राज्य बताया। क्योंकि झारखंड प्राकृतिक सौन्दर्य एवं बहुमूल्य खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है। प्राकृतिक के साथ धार्मिक धरोहरों की भी कमी नहीं है। इसलिए उद्योग, पर्यटन और धार्मिक पर्यटन की खूब सम्भावनाएं हैं।
समस्याएं
  • राज्यपाल बैस ने राज्य के वामपंथी उग्रवाद पर चर्चा की। बताया कि कई राज्यों की तरह झारखंड भी इससे अछूता नहीं है। सुरक्षा बल इस समस्या से तो निबट ही रहे है, वहीं राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति के माध्यम से उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास जारी है।
  • राज्यपाल बैस ने झारखंड के विश्वविद्यालयों की शिक्षा स्थिति का भी जिक्र किया। झारखंड लोक सेवा आयोग के तहत आने वाले विश्वविद्यालयों में 2008 के बाद कोई भर्ती नहीं हुई है। विश्वविद्यालय सिर्फ 30% शिक्षकों की क्षमता पर ही कार्य कर रहे हैं। परंतु अब नियुक्तियों की प्रक्रिया प्रारम्भ करा दी गयी हैं।
सराहनीय प्रयास

राज्यपाल बैस ने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम में सक्रियता से भाग लिया और विभिन्न संगोष्ठी, कार्यशालाएं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया। मारांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत इस वर्ष अनुसूचित जनजाति के 6 छात्र-छात्राओं को लंदन के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षण हेतु छात्रवृति प्रदान की गई।

  • राज्यपाल बैस ने झारखंड में आजादी के अमृत महोत्सव अंतर्गत कार्यक्रमों को को संकलित कर एक कैलेंडर तैयार किया गया है जिसे भारत सरकार को भेज दिया गया है। अमृत महोत्सव के शुभारंभ के दिन राज्य में साईकिल रैली, फोटो प्रदर्शनी एवं चित्रकारी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
  • राज्यपाल बैस ने कहा कि राज्य में टीकाकरण का कार्य भी तीव्र गति से जारी है। कोविड-19 संक्रमण को रोकने तथा संभावित तीसरी लहर से बचाव एवं रोकथाम हेतुटेस्ट, ट्रैक, आइसोलेट, ट्रीट तथा वैक्सीनेट की रणनीति अपनायी जा रही है।
खेलों में बढ़ते कदम
  • राज्यपाल बैस ने बताया कि खेल के क्षेत्र में झारखण्ड की राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान रही है। टोक्यो ओलम्पिक में भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य झारखण्ड की दो बेटियां सलीमा टेटे एवं निक्की प्रधान ने अपने बेहतर प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया।
संवैधानिक दुविधा
  • राज्यपाल बैस ने राष्ट्रपति कोबताया कि झारखंड सरकार एक असंगत निर्णय से संवैधानिक दुविधा उत्पन्न हो गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्यपाल की पूर्व सहमति व स्वीकृति के बिना ही टीएसी (TAC) के गठन और सदस्यों की नियुक्ति में राज्यपाल की शक्तियां समाप्त कर दी गयी हैं। साथ ही नगर निगम, नगर पालिका के मेयर व अध्यक्ष के अधिकारों को भी सरकार द्वारा समाप्त कर दिया गया है। इस सबंध में वह विधिक राय ले रहे हैं।
  • बता दें, इस साल जून में हेमंत सरकार ने झारखंड ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल रूल 2021 का गठन किया है। इस नये रूल के तहत टीएसी में राज्यपाल की भूमिका समाप्त कर दी गई है। अब टीएसी के सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ही करेंगे। पहले टीएसी सदस्यों के मनोनयन के लिए नाम राज्यपाल को भेजे जाते थे, लेकिन अब मनोनयन का अधिकार मुख्यमंत्री में ही निहित कर दिया गया है। टीएसी की नयी नियामावली को मंजूरी दिए जाने को सरकार ने सही ठहराते हुए कहा था कि टीएसी का गठन बहुत सोच-समझ कर किया गया है। हम आदिवासी उत्थान की बातें करते हैं, उसमें टीएसी का बड़ा दायित्व होता है।
सरना धर्म कोड
  • राज्यपाल बैस ने राष्ट्रपति को बताया कि झारखंड में सरना धर्म कोड लागू करने की निरंतर मांग उठ रही है। इस संदर्भ में कई प्रतिनिधिमंडल उनसे मिल चुके हैं हालांकि आधिकारिक रूप से यह मामला अभी उनके समक्ष नहीं आया है।
राज्यपालों के कार्यों को राष्ट्रपति ने सराहा

‘राज्यपाल सम्मेलन-2021’ के अंत में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने विशेषकर कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में राज्यपालों के योगदान की सराहना कि और कहा कि भारत ने अनेक विकसित देशों की तुलना में सीमित संसाधनों के बावजूद कोविड का सामना बहुत बेहतर ढंग से किया है।

राष्ट्रपति ने ग्लासगो में आयोजित कोप-26 सम्मेलन में प्रधानमंत्री के संकल्प को दोहराते हुए जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने में भारत द्वारा तय किये गये पांच प्रमुख लक्ष्यों का जिक्र किया। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने राज्यपालों से उनकी तैनाती वाले राज्यों में मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोगों में जागरूकता पैदा करने में उनकी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय लक्ष्यों के बारे में और जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना।

राष्ट्रपति ने अपने समापन भाषण में झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए उनके द्वारा राजभवन, झारखंड में सौर ऊर्जा की  दिशा में किये जा रहे कार्यों  की सराहना की।

यह भी पढ़ें: T20 WC: पाकिस्तान टीम के लिए बजायीं सानिया मिर्जा ने तालियां, फैंस ने सुनायी खरी-खोटी

Related posts

BJP सांसद को ‘बिहारी गुंडा’ कहने पर बिहार में गरमाई सियासत

Manoj Singh

Bihar : आकर्षण का केन्द्र बनी मुजफ्फरपुर जेल में बंद नाइजीरियन कैदी की छठ पूजा, छठी मैया से लगाई ये गुहार

Manoj Singh

खिलाड़ियों को अब मिलेगा Major Dhyanchand Khel Ratna Award, राजीव गांधी खेल रत्न का बदला नाम

Sumeet Roy

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.