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Rajya Sabha Election कांग्रेस के लिए बन गया सिरदर्द, कई राज्यों ने उड़ा दी गांधी परिवार की नींद

Rajya Sabha Election became a headache for Congress, Gandhi family lost their sleep

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

इस बार के राज्यसभा चुनाव ने पूरे देश में कांग्रेस की अच्छी-खासी फजीहत हो गयी है। झारखंड में कल तक अपनी मूंछों पर ताव देने वाली कांग्रेस की मूंछें अब नीची हो गयी हैं। कांग्रेस को पूरा भरोसा था कि झारखंड से उसी का ही उम्मीदवार राज्यसभा जायेगा। सीएम हेमंत सोरेन ने कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने के बाद जो संकेत दिये थे उससे कांग्रेस भी यही समझ रही थी कि उसकी ही बल्ले-बल्ले होगी, लेकिन सीएम हेमंत के मास्टर स्ट्रोक से कांग्रेस चारों खाने चित हो गयी। सीएम ने झामुमो की कुशल नेत्री डॉ महुआ माजी के नाम की घोषणा कर फूल चुके कांग्रेस के गुब्बारे की हवा एक ही बार में निकाल दी। उसके बाद तो कांग्रेस को कुछ सूझ ही नहीं रहा कि वह करे तो क्या करे। आनन-फानन में रांची से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस की बयानबाजियां शुरू हो गयीं। कांग्रेस ने तो इसे सरासर सोनिया गांधी का अपमान तक बता दिया। बंद कमरे में सोनिया गांधी के साथ सीएम हेमंत की क्या बात हुई होगी, यह कोई नहीं जानता। लेकिन जितना बोल्ड निर्णय सीएम ने अब लिया है, उससे यह तो जरूर स्पष्ट है कि न तो वह सोनिया गांधी के दबाव में हरगिज नहीं आये होंगे। उन्होंने झामुमो का ही पक्ष ही सोनिया गांधी के सामने रखा होगा, क्योंकि यही वर्तमान ही नहीं, भविष्य की राजनीति के लिए भी झामुमो के लिए उचित है। इस घटना (दुर्घटना) के बाद आनन-फानन में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रांची भी पहुंच गये। लेकिन नहीं लगता है कि कांग्रेस के लिए करने को कुछ बचा है। कांग्रेस कोई भी ऐसा निर्णय लेने की स्थिति में भी नहीं है जो उसके खुद के पैर पर कुल्हाड़ी का काम करे।

यह तो हुई झारखंड की बात, राज्यसभा चुनाव कांग्रेस और आलाकमान यानी गांधी परिवार के लिए दूसरे राज्यों में भी सिरदर्द बना हुआ है। कहीं टिकट नहीं मिलने वाले उम्मीदवारों से वह परेशान है, तो कहीं भाजपा और दूसरी पार्टियों ने उसका खेल बिगाड़ दिया है। आज तक अपने चक्रव्यूह में विरोधी पार्टियों को फंसाने वाली पार्टी, दूसरी पार्टियों के चक्रव्यूह में फंस रही है। महाराष्ट्र और राजस्थान में बीजेपी का ‘खेला’ भी कांग्रेस को भारी पड़ रहा है।

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रियंका के प्रिय पात्र इमरान से नाराज

महाराष्ट्र में बीजेपी ने पीयूष गोयल, डॉ. अनिल बोंडे के अलावा धनंजय महादिक को उम्मीदवार बनाया है। तीसरी सीट जीतने के लिए बीजेपी सारे दांव-पेंच आजमा रही है। लेकिन कांग्रेस अपनी ही जाल में उलझी हुई है। कांग्रेस को यूपी के शायर और प्रियंका गांधी के खास इमरान प्रतापगढ़ी को महाराष्ट्र से उम्मीदवार बनाया जाना भारी पड़ रहा है। इमरान की उम्मीदवारी से कांग्रेस के अंदर भारी नाराजगी है।

भाजपा ने राजस्थान में बिगाड़ रखा है कांग्रेस का गणित

राजस्थान में बीजेपी की एक सीट पक्की है और उसने इस सीट के लिए घनश्याम तिवाड़ी को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन वह उससे भी आगे बढ़कर सोच रही है। भाजपा ने निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा को भी समर्थन देने का ऐलान कर कांग्रेस के लिए दिक्कतें खड़ी कर दी हैं। सुभाष चंद्रा जी ग्रुप के मालिक हैं। पहले भी वह 2016 में हरियाणा से राज्यसभा के सदस्य बने थे। यही नहीं जी-23 के अगुआ नेता को राजस्थान से राज्यसभा भेजने का सपना भी प्रदेश के कांग्रेसियों ने चकनाचूर कर दिया। राजस्थान के कांग्रेसी नहीं चाहते कि कोई बाहरी वहां से जीतकर राज्यसभा जाये। यही नहीं जी-23 के नेता के रूप में सोनिया पर टिप्पणी करने को लेकर भी कांग्रेसियों में नाराजगी है। कांग्रेस यहीं भी मुश्किलों में। जबकि आगे अगले साल राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं।

दो विधायकों के सहारे तीन सांसद यूपी से भेजना चाहती है कांग्रेस

यूपी में कांग्रेस के पास कुल 2 विधायक हैं, लेकिन उसने 3 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। कांग्रेस की यह दिलेरी सपा से सेकेंड वोट के बल पर है। चर्चा तो इस बात की है कि खुद के प्रत्याशी को सपा का समर्थन न मिलने से सुभासपा चीफ ओमप्रकाश राजभर नाराज हैं। इसीलिए वह इन दिनों बीजेपी, मोदी और योगी की खूब तारीफ कर रहे हैं। अगर उनकी पार्टी के विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं, तो कांग्रेस के लिए यहां भी दिक्कतें ही दिक्कतें हैं।

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