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राज्यसभा ने रिटायर हो रहे 72 सांसदों को दी विदाई, ‘लौट के आना’ के संदेश के साथ पीएम ने कहा- आपका अनुभव अहम

Rajya Sabha

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

राज्यसभा ने सेवानिवृत्त हो रहे अपने 72 सदस्यों को आज विदाई दी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विदाई संबोधन में राज्यसभा सांसदों को भावुक संदेश दिया। पीएम ने कहा कहा कि हमारे राज्यसभा सांसदों का लंबा अनुभव रहा है। कई बार अनुभव अकादमिक ज्ञान से भी ज्यादा अहम होता है। मैं रिटायर हो रहे सदस्यों से कहूंगा कि लौट कर आना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिटायर कर रहे सांसदों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव देश के साथ साझा करें और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करें। अनुभव का अपना महत्व होता है और मुझे पूरा विश्वास है कि उच्च सदन में अपना कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्य इसका उपयोग राष्ट्र की सेवा के लिए करेंगे।

सदन के नेता पीयूष गोयल और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी विदाई समारोह में शामिल हुए। राज्यसभा के सेवानिवृत्त सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू, उप सभापति हरिवंश और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ फोटो खिंचवाई।

आज जिन 72 राज्यसभा सांसदों को विदाई दी गयी, उनमें कुछ सांसदों की वापसी तय है, लेकिन कांग्रेस के कुछ सांसदों पर संशय है। दरअसल, इनमें कुछ सांसद जी-23 का हिस्सा है। जी-23 का हिस्सा होने के कारण गुलाम नबी आजाद की भी राज्यसभा में वापसी नहीं हो पायी थी। कुछ केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता फिर से नामित किये जायेंगे। पीयूष गोयल और निर्मला सीतारमण की वापसी तय मानी जा रही है।

अप्रैल में सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों में सदन में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा, ए.के. एंटनी, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी, एम. सी. मैरी कॉम और स्वप्न दासगुप्ता शामिल हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, सुरेश प्रभु, एम. जे अकबर, जयराम रमेश, विवेक तन्खा, वी. विजयसाई रेड्डी का कार्यकाल जून में समाप्त होगा। जबकि जुलाई में सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों में पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, पी. चिदंबरम, अंबिका सोनी, कपिल सिब्बल, सतीश चंद्र मिश्रा, संजय राउत, प्रफुल्ल पटेल और के. जे. अल्फोंस शामिल हैं।

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