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Rajiv Gandhi Assassination: नलिनी समेत 7 दोषी रिहा, जानिए राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने क्या क्या कहा?

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Rajiv Gandhi Assassination: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की हत्या में शामिल छह दोषियों की रिहाई का आदेश दिया है। इसके साथ ही इस मामले के सभी सात दोषी रिहा हो गए हैं। इसी साल मई में सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने एक अन्य दोषी एजी पेरारिवलन को आर्टिकल 142 का हवाला देते हुए रिहा किया था।

करीब 31 साल से जेल में बंद थे आरोपी 

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि जिस नियम के तहत एजी पेरारिवलन को रिहाई दी गई थी, वो इस मामले में दोषी पाए गए अन्य पर भी लागू होती है। ये सभी आरोपी करीब 31 साल से जेल में बंद थे। बता दें कि राजीव गांधी की हत्या 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में आत्मघाती बम धमाके में हुई थी।

अच्छा बर्ताव, जेल में रहकर पढ़ाई

सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड में नलिनी, रविचंद्रन, मुरुगन, संथन, जयकुमार और रॉबर्ट पॉयस को रिहा करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि दोषी तीन दशक से ज्यादा समय से जेल में बंद है. इस दौरान उनका बर्ताव भी अच्छा रहा है. अदालत ने जेल में रहकर दोषियों का पढ़ाई करना, डिग्री हासिल करना और उनके बीमार होने का जिक्र भी किया.

21 मई 1991 को हुई थी घटना 

21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया था। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी मारे गए थे। महिला की पहचान धनु के तौर पर हुई थी। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें पेरारिवलन, मुरुगन, संथन, रविचंद्रन, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और नलिनी श्रीहरन शामिल थे।

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राजीव गांधी हत्याकांड को लेकर कब क्या हुआ

1998 में टाडा अदालत ने पेरारिवलन, मुरुगन, संथन और नलिनी को मौत की सजा सुनाई थी। राहत नहीं मिलने के बाद पेरारिवलन और अन्य दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। साल 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने सजा को बरकरार रखा। 2014 में इसे आजीवन कारावास में बदल दिया गया।

जब जयललिता ने सातों दोषियों की रिहाई के लिए प्रस्ताव पास किया

2008 में जब जयललिता तमिलनाडु की मुख्यमंत्री थीं, तो उन्होंने कैबिनेट से सातों दोषियों की रिहाई के लिए प्रस्ताव पास किया। जिसे राज्यपाल को भेजा गया था। राज्यपाल ने उसे राष्ट्रपति के पास भेजा। तब से ये मामला लंबित था। 2018 में फिर से तमिलनाडु सरकार ने दोषियों की रिहाई के लिए प्रस्ताव पास करके राज्यपाल के पास भेजा था।

अनुच्छेद 142 का हवाला

इस बीच दोषी पेरारिवलन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसी साल मई में पेरारिवलन की याचिका पर सुनवाई करते हुए अनुच्छेद 142 का हवाला देते हुए रिहा कर दिया। इसके बाद अन्य छह दोषियों ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया। जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुक्रवार को पेरारिवलन के मामले में दिए गए फैसले को अन्य सभी दोषियों पर लागू करने का आदेश दिया।

सभी सात दोषी रिहा

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में शामिल छह दोषियों की रिहाई का आदेश दिया है। इसके साथ ही इस मामले के सभी सात दोषी रिहा हो गए हैं। इसी साल मई में सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य दोषी एजी पेरारिवलन को आर्टिकल 142 का हवाला देते हुए रिहा किया था।

सोनिया गांधी ने नलिनी को माफ कर दिया था 

राजीव गांधी हत्याकांड में यूं तो काफी लोग शामिल थे, इनमें से एक है नलिनी, जिसे  सोनिया गांधी ने माफ कर दिया था। राजीव गांधी की मौत का प्लान खतरनाक आतंकी प्रभाकरण ने बनाया था. उसने ये प्लान हत्या से ठीक 6 महीने पहले नवंबर 1990 में श्रीलंका में बनाया था। प्लान में मुख्य रूप से चार लोग शामिल थे।  जिन्होंने पूरी साजिश रची थी।

इसलिए सोनिया गांधी ने ऐसा नहीं होने दिया

जब नलिनी को राजीव गांधी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था उस दौरान वह गर्भवती थी. उसे गर्भवती हुए 2 महीने हो गए थे. नलिनी को फांसी की सजा होने वाली थी, लेकिन सोनिया गांधी ने ऐसा नहीं होने दिया. उन्होंने नलिनी को माफ कर दिया था. सोनिया का मानना था कि किसी की गलती थी सजा एक मासूम बच्चे को कैसे मिल सकती है, जिसका अभी दुनिया में आना बाकी है.

जब नलिनी से मिली प्रियंका गांधी

राजीव गांधी की बेटी प्रियंका गांधी ने साल 2008 में वेल्लोर सेंट्रल जेल जाकर नलिनी से मुलाकात की थी.जिसके बाद उन्होंने बताया था कैसे शांति की राह के बाद वह हिंसा के रास्ते पर चल पड़ी थी. बता दें, नलिनी को मौत की सजा सुनाई गई थी. हालांकि, मौत की सजा बाद में सोनिया गांधी के हस्तक्षेप से आजीवन कारावास में बदल गई थी.
नलिनी को आजीवन कारावास की सजा साल 2000 में सुनाई गई थी. जेल के अंदर ही उसने बेटी को जन्म दिया था, जिसका नाम हरिथ्रा मुरुगन है.अब उसकी शादी भी हो गई है.

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