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Rain Fall: झारखंड देश में दूसरा सबसे सूखा राज्य, बिहार का नम्बर तीसरा, सबसे दयनीय उत्तर प्रदेश

Rain Fall: Jharkhand second driest state in the country, Bihar number third

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

इस बार मॉनसून ने गजब कर दिया है। देश के कई राज्यों को इतना भिगा दिया है कि चारों तरफ जल-प्रलय का नजारा दिखायी दे रहा है। जल प्रलय ने पूरे देश में करीब 250 जिन्दगियां भी लील ली हैं। लेकिन यह स्थिति पूरे देश की नहीं हैं। कई राज्य तो पानी बिना सूख रहे हैं। वहां के किसानों के माथे पर बल पड़ गये हैं कि खेती कैसे होगी। इन राज्यों में अपना झारखंड तो है ही, हर साल बाढ़ की त्रासदी झेलने वाले बिहार के किसानों की आंखें भी बादलों को देखते पथरा गयी हैं। 19 जुलाई 2022 तक की मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो झारखंड इस समय देश में दूसरे नम्बर पर है जहां इस समय तक होने वाली सामान्य बारिश की मात्र 50 प्रतिशत ही बारिश हुई है। बिहार इससे थोड़ा पीछे है। बिहार में 49 प्रतिशत बारिश कम हुई है। देश में सबसे बुरी स्थिति तो खेती में अग्रणी राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश की है जहां 67 प्रतिशत कम बारिश अब तक हुई है। उत्तर प्रदेश में इस समय तक 256.4 मिमी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन हुई है मात्र 84.6 मिमी बारिश। इसी आंकड़े पर झारखंड और बिहार की भी बात कर लेते हैं। झारखंड में 380.6 मिमी सामान्य बारिश इस समय तक होनी चाहिए थी, लेकिन 191.5 मिमी ही बारिश अब तक हुई है। वहीं बिहार में 382.8 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले अब तक सिर्फ 196.4 मिमी ही बारिश अब तक हुई है।

देश के कुछ राज्य ऐसे हैं जहां इतनी बारिश हो गयी है कि उसे वरदान नहीं अभिशाप ही कहा जायेगा। तेलंगाना पर मॉनसून की इतनी मेहरबानी हो गयी है कि वहां की धरती को बादलों ने सामान्य से 123 प्रतिशत ज्यादा भिगो दिया है। तेलंगाना में 254.3 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 567.0 मिमी बारिश हो चुकी है। ज्यादा बारिश की बात की जाये तो गुजरात अभी दूसरे नम्बर है। गुजरात में अब तक 70 प्रतिशत बारिश अधिक हो चुकी है। यानी 264.5 मिमी के मुकाबले 450.8 मिमी बारिश वहां हुई है। गुजरात के पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र और राजस्थान में भी मेघ खूब बरसे हैं। महाराष्ट्र में अब तब जहां 404.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी वहीं 595.2 मिमी बारिश हुई है। जबकि राजस्थान में 52 प्रतिशत मेघ ज्यादा बरसे हैं यानी 143.8 सामान्य बारिश की तुलना में 218.0 मिमी बारिश हुई है। सबसे आश्चर्यजनक स्थिति तो इस बार केरल की है। केरल के रास्ते पूरे देश में मॉनसून का प्रवेश होता है, उस केरल में 16 प्रतिशत कम बारिश हुई है। कुल मिलाकर पूरे देश में मॉनसून की बारिश एक जैसी नहीं हुई है। कई राज्य अगर ज्यादा भीगे हैं तो कई राज्य अभी तक पानी को तरस रहे हैं।

मॉनसून की बेरुखी से झारखंड के किसान बेहाल

मॉनसून की बेरुखी से झारखंड के कई जिलों में खेत सूखे पड़ गये हैं। चाहे साहिबगंज की बात हो, पलामू की या गढ़वा की हर जगह एक जैसी स्थिति है। किसान चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। साहिबगंज जिले में खेतों में लगे धान के बिचड़े के अलावा मकई , मिर्च सब पानी के बिना सूख रहे हैं। किसानों पंपिंग सेट से अधिक लागत लगाकर खेतों में धान की फसलों की बुवाई तो कर ली, लेकिन मॉनसून ने उनका भरोसा तोड़ दिया। अब तो खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। इससे धान की फसल पूरी तरह बर्बाद होने के कगार पर है।

पलामू और गढ़वा में भी सुखाड़ और अकाल की स्थिति बन चुकी है। हालांकि इन दोनों जिलों को पिछले कई सालों से सूखे की मार झेलनी पड़ रही है। इस साल भी अपर्याप्त बारिश से पलामू और गढ़वा में सुखाड़ की आशंका से किसान चिंतित हैं। यहां भी खेतों में खड़ी फसलें मौसम की बेरुखी से खेत में ही सूख रही हैं। जिससे किसानों के चेहरों पर निराशा छायी हुई है।

देश में कहां हुई सामान्य से कम बारिश (19 जुलाई, 2022 तक)
  • उत्तर प्रदेश -67%
  • झारखंड -50%
  • बिहार -49%
  • मणिपुर -39%
  • त्रिपुरा -30%
  • मिजोरम -19%
  • उत्तराखंड -18%
  • नगालैंड -16%
  • केरल -16%
  • हिमाचल -7%
  • अरुणाचल -2%
  • पंजाब -1%
देश में कहां हुई सामान्य से ज्यादा बारिश (19 जुलाई, 2022 तक)
  • तेलंगाना 123%
  • गुजरात 70%
  • राजस्थान 52%
  • महाराष्ट्र 47%
  • तमिलनाडु 45%
  • कर्नाटक 38%
  • गोवा 25%
  • मध्य प्रदेश 23%
  • आंध्र प्रदेश 23%
  • असम 15%
  • छत्तीसगढ़ 12%
  • जम्मू कश्मीर 7%
  • ओडिशा 6%
  • अंडमान निकोबार 4%
  • हरियाणा 2%
  • सिक्किम 1%

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