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Punjab: आज से Captain Amarinder Singh की नयी पारी, भारतीय सेना, फिर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अब भारतीय जनता पार्टी में

Punjab: Captain Amarinder Singh's new innings, now in Bharatiya Janata Party

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

पंजाब के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके Captain Amarinder Singh की आज से नयी राजनीतिक पारी की शुरुआत होगी। भारतीय सेना का हिस्सा रह चुके राजधराने से ताल्लुक रखने वाले कैप्टन अमरिंदर लम्बे समय तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का में अपनी राजनीतिक पहचान बनायी। कांग्रेस से अपना नाता तोड़ने के बाद पंजाब में अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस बनायी। आज उसी पंजाब लोक कांग्रेस का भाजपा में विलय होगा। नई दिल्‍ली में आयोजित इस मिलन समारोह में अमरिंदर सिंह अपने समर्थकों, करीबी कांग्रेस नेता व पूर्व विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में भाजपा की सदस्यता लेंगे।

इनके साथ भाजपा में होंगे शामिल

Captain Amarinder Singh तीन पूर्व विधायकों के साथ भाजपा में शामिल होंगे। सिंह के साथ मुक्तसर से करन कौर बराड़, माहिल कलां से हरचंद कौर और भदौड़ से पिरमल सिंह  भाजपा में आ रहे हैं। कैप्टन के पुत्र रणइंदर सिंह और बेटी जयइंदर भी भाजपा में शामिल होंगे। लेकिन पटियाला से कांग्रेस सांसद उनकी पत्नी परनीत कौर भाजपा में शामिल नहीं होंगी। क्योंकि ऐसा करने से पहले उन्हें लोकसभा की सदस्यता छोड़नी पड़ेगी।

अमरिंदर सिंह एक परिचय

सिंह का जन्म महाराजा यादवेंद्र सिंह और पटियाला की महारानी मोहिंदर कौर के घर हुआ जो सिद्धू बराड़ के फुल्किया वंश से संबंधित थे। उन्होंने वेलहम बॉयज़ स्कूल और लॉरेंस स्कूल सनवार, द दून स्कूल, देहरादून से अपनी स्कूली शिक्षा की। उनकी पत्नी, प्रणीत कौर 2009 से 2014 तक एक सांसद और विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री थीं। उनका एक बेटे और एक बेटी हैं। वह पोलो, राइडिंग, क्रिकेट, स्क्वैश और बैडमिंटन जैसे खेलों में उन्हें विशेष रुचि रखते हैं।

राजनीति से पहले भारतीय सेना को दी सेवाएं

भारतीय राजनीति के दिग्गज नेताओं में कैप्टन अमरिंदर सिंह की गिनती होती है। कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला के राजघराने से आते हैं। उनके करियर की शुरुआ भारतीय सेना से हुई है। भारतीय आर्मी में बतौर कमीशंड ऑफिसर वह अपनी सेवाएं दे चुके हैं। राजनीति में शामिल होने से पहले राष्‍ट्रीय रक्षा अकादमी और इंडियन मिलिट्री अकैडमी से स्नातक करने के बाद अमरिंदर सिंह 1963 में भारतीय सेना में शामिल हो गये। हालांकि 1965 में उन्होंने सेना से इस्‍तीफा दे दिया था, लेकिन पाकिस्‍तान के साथ जंग छिड़ जाने के बाद वह फिर से भारतीय सेना में शामिल हुए और 1965 के भारत-पाकिस्‍तान युद्ध कप्‍तान के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वह सिख रेजिमेंट का हिस्‍सा थे। वह 1 सितंबर 2014 से 23 नवंबर 2016 तक रक्षा मंत्रालय संबंधी स्थायी समिति और रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य थे।

कैप्टन की राजनीतिक शुरुआत

1980 में पहली बार लोकसभा में सीट जीतने के बाद अमरिंद सिंह ने राजनीतिक शुरुआत की। कैप्‍टन अमरिंदर सिंह दो बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे हैं। पहली बार 2002 से 2007 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। फिर 2017 मार्च से 18 सितंबर 2021 तक वह दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। वह पटियाला से विधानसभा के निर्वाचित सदस्य हैं। वह पंजाब विधानसभा में पांच बार सदस्य के रूप में चुने गये, जिसमें तीन बार उन्‍होंने पटियाला (शहर) का प्रतिनिधित्व किया और एक एक बार समाना और तलवंडी साबू का।

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू से अनबन के बाद उन्हें कांग्रेस छोड़नी पड़ी। लेकिन उन्होंने राजनीति नहीं छोड़ी। उन्होंने पिछले पंजाब विधानसभा चुनाव के समय पंजाब लोक कांग्रेस नामक पार्टी बनायी। अमरिंदर ने पार्टी बनाने वक्त शर्तों के साथ भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की थी। और आज उनकी पार्टी का भाजपा में विलय हो रहा है।

गहन लेखक भी हैं अमरिंदर सिंह

Captain Amarinder Singh एक गहन लेखक भी हैं। उन्होंने युद्ध और सिख इतिहास पर किताबें लिखी हैं जिनमें ‘ए रिज टू फार’, ‘लेस्ट वी फोर्गेट’, ‘द लास्ट सनसेट: राइज एंड फॉल ऑफ लाहौर दरबार” और “द सिख इन ब्रिटेन: 150 साल की तस्वीरें” शामिल हैं। उनके सबसे हालिया कार्यों में इंडियाज़ मिलिट्री कॉन्‍ट्रीब्यूशन टू दि ग्रेट वॉर 1914 टू 1918, जिसका विमोचन 6 दिसंबर 2014 को चंडीगढ़ में किया गया, और दि मॉनसून वॉर: यंग ऑफीसर्स रीमिनाइस 1965 इंडिया-पाकिस्‍तान वॉर, जिसमें 1965 भारत-पाक युद्ध से जुड़ी उनकी यादें शामिल हैं।

उपलब्ध‍ियां

Captain Amarinder Singh 2013 से जाट महासाभा के अध्यक्ष हैं। वे मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब, यूके, नौसेना और सैन्य क्लब, लंदन, गोल्फ क्लब, दिल्ली, जिमखाना क्लब, पटियाला और अधिकारी संस्थान, पटियाला के सदस्य भी हैं।

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