केंद्र सरकार ने लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पेश कर दिया है। वक्फ विधेयक को लेकर सरकार का कहना है कि विधेयक के जरिए वह वक्फ से जुड़ी संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करेगी। जबकि मुस्लिम संगठन सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि उसकी नजर वक्फ की संपत्तियों पर है। इसलिए यहां यह जानना जरूरी है कि आखिर वक्फ विधेयक में कौन-कौन सी व्यवस्थाएं दी गयी हैं और इस विधेयक से क्या-क्या बदल जायेगा।
वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिलाएं
नये विधेयक में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों और महिलाओं को शामिल करने का प्रावधान किया गया है। अब बोर्ड में 2 महिलाएं और 2 गैर-मुस्लिम सदस्य शामिल होंगे। बोर्ड में एक केंद्रीय मंत्री, 3 सांसद, 2 पूर्व न्यायाधीश, 4 मशहूर लोग, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल होंगे। खास बात यह है कि इनमें किसी का मुसलमान होना जरूरी नहीं है।नये बिल में केन्द्र सरकार की इस व्यवस्था को मुस्लिम संगठन वक्फ प्रशासन में दखल मान रहे हैं।
संपत्ति पर नियंत्रण का तरीका बदलेगा
र को नियुक्त करेगी। पहले ये काम सर्वे कमिश्नर किया करते थे। जिला कलेक्टर मौजूदा राजस्व प्रक्रियाओं का उपयोग कर सर्वेक्षण करेंगे। बोर्ड को संपत्ति का पंजीयन कलेक्टर कार्यालय में करवाना होगा। कलेक्टर को इसकी जानकारी राज्य सरकार को देनी होगी। सरकार की अनुमति मिलने के बाद ही संपत्ति पर वक्फ बोर्ड का नियंत्रण हो सकेगा। सबसे बड़ी बात यह कि बिना कागजात के किसी संपत्ति पर वक्फ दावा नहीं कर सकेगा।
वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले चुनौती का अधिकार
अब तक यही होता रहा है कि वक्फ ट्रिब्यूनल को फैसले को कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती थी। नये विधेयक में फैसले को चुनौती देने की व्यवस्था की गई है। यानी वक्फ किसी संपत्ति को अपनी संपत्ति घोषित नहीं कर सकेगा। कम से कम 5 साल से इस्लाम का पालन कर रहे मुसलमान ही संपत्ति दान कर सकेंगे।
सम्पत्ति विवाद के कारण ही मुस्लिम संगठन कर रहे विरोध
तो जाहिर है कि वकफ बोर्ड पर इतने नियंत्रण के बाद वक्फ बोर्ड की सम्पत्ति पर आने वाले समय में विवाद तय है। इसी विवाद को देखते हुए ही मुस्लिम संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। मुस्लिमों का कहना है कि कई संपत्तियों सदियों पुरानी हैं, जिनके दस्तावेज नहीं है। ऐसी संपत्तियां विवादों में फंस जाएंगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि मुस्लिम इसे धर्म में दखल के तौर पर भी देख रहे हैं। यहां यह बता दें कि देशभर 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फिलहाल 32 वक्फ बोर्ड हैं। और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, वक्फ बोर्ड के पास 8,65,644 अचल संपत्तियां हैं। इनका कुल क्षेत्रफल 9 लाख एकड़ से भी ज्यादा है और अनुमानित कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये है।
न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार
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