समाचार प्लस
Breaking देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

President Election: भाजपा के छुपे पत्तों में राष्ट्रपति चेहरा कौन? दलित, आदिवासी या कोई मुस्लिम?

Presidential Election: Who is the Presidential face of BJP? Dalit, Adivasi or Muslim?

25 जून तक खुल जायेगा राज!

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

ममता बनर्जी के नेतृत्व में जिस प्रकार विपक्षी पार्टियां अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार देने के लिए छटपटा रही हैं, उससे नहीं लगता कि एनडीए अपना उम्मीदवार घोषित करे और उस पर सर्वसम्मति बन जाये। मतलब साफ है कि राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए मतदान होना तय है। अब भाजपा को यह तय करना है कि वह किसको राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में खड़ा करे ताकि विपक्षी पार्टियों एकता को भेद कर उसके पक्ष में वोट करा सके।

भाजपा ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को राष्ट्रपति चुनाव की रूपरेखा तैयार करने और विपक्षी दलों से सम्पर्क कर अपने उम्मीदवार के पक्ष में समर्थन जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों शीर्ष नेताओं ने अपनी तरफ से जो प्रयास करने हैं, वे कर चुके हैं। हो सकता है उनके प्रयासों का कोई सकारात्मक परिणाम भी दिखे। लेकिन उनके प्रयासों के बावजूद राष्ट्रपति का चुनाव होना तो अवश्यंभावी है। इसलिए अब भाजपा एनडीए के उम्मीदवार की घोषणा करके उसे जिताने की रणनीति बनाने में जुट गई है। नड्डा के आवास पर रविवार को हुई पार्टी की बैठक में पार्टी की रणनीति पर गहराई से मंथन किया गया।

अब चाहे जो भी हो, एनडीए अपने उम्मीदवार की घोषणा 25 जून से आगे नहीं टाल पायेगी। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जी-7 समिट के लिए 26 से 28 जून तक जर्मनी में रहेंगे और 29 जून राष्ट्रपति पद के नामांकन की आखिरी तारीख है। इसलिए पूरी उम्मीद तक 25 जून या उससे पहले ही एनडीए राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर अपने पत्ते खोल देगा।

कौन होगा एनडीए का उम्मीदवार?

एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार कौन होगा, उस चेहरे का अनुमान लगाना तो फिलहाल मुश्किल है, अभी तो यह अनुमान लगाना ही मुश्किल है कि वह चेहरा किस समुदाय से होगा। वह चेहरा आदिवासी होगा, वह चेहरा दलित होगा या वह चेहरा मुस्लिम समुदाय से होगा। चेहरा चाहे जो भी हो उसका राजनीतिक मायने होगा और दूरगामी राजनीतिक परिणाम देने वाला होगा। क्योंकि दो वर्षों के बाद देश में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। इसलिए भाजपा फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है। वह हड़बड़ी में कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहेगी कि जिससे उसका राजनीतिक दांव ही उल्टा पड़ जाये। सबसे बड़ी बात यह है कि अगर भाजपा अपने राष्ट्रपति उम्मीदवार के सहारे विपक्षी एकता को भेदने में कामयाब हो जाती है तो संभव है कि लोकसभा का चुनावी परिणाम भी अभी तय हो जायेगा।

यह भी पढ़ें: Agnipath: हिंसा के लिए युवाओं की अगर सेना में जगह नहीं, तो ‘आग’ लगाने वाले नेताओं को भी दिखानी चाहिए उनकी जगह

Related posts

अफगानिस्तान की इकलौती एडल्ट स्टार Yasmeena Ali ने खोले राज, कहा- सिर काटने को बेताब है तालिबान

Sumeet Roy

PM Narendra Modi ने देश को दीं RBI की दो बड़ी Schemes, निवेश करना पहले से आसान और सुरक्षित

Pramod Kumar

Pakistan: सुप्रीम कोर्ट ने अविश्वास प्रस्ताव व नेशनल असेंबली की कार्यवाही का ब्यौरा मांगा, सुनवाई फिर एक दिन टली

Pramod Kumar