समाचार प्लस
Breaking झारखण्ड देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

Presidential Election: आखिर NDA ने छोड़ ही दिया ट्रम्प कार्ड, द्रौपदी मुर्मू को समर्थन विपक्ष की होगी मजबूरी

Presidential Election: NDA drops trump card, Draupadi Murmu presidential candidate

देश की पहली आदिवासी महिला बनेगी राष्ट्रपति!

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

अपने बूते अपने कैडिडेट को जिताने के प्रति आश्वस्त रहने के बाद भी NDA ने द्रौपदी मुर्मू के रूप में ऐसा राष्ट्रपति कैंडिडेट दिया है जिसको समर्थन देना विपक्ष की कई पार्टियों की विवशता हो गयी है। खासकर झारखंड की आदिवासी समर्थित पार्टियों को एक आदिवासी उम्मीदवार को समर्थन तो करना ही चाहिए। यह भले ही भाजपा की राजनीतिक चाल हो, इसके बावजूद यह हर आदिवासी के लिए गर्व का विषय है कि एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने जा रही है इसलिए दिल खोलकर उसका समर्थन करना उसका दायित्व है। एनडीए ने मंथन के बाद झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति के लिए उम्मीदवार बनाया है। राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद देश की पहली आदिवासी समुदाय की महिला राष्ट्रपति बनेंगी। इससे पहले द्रौपदी मुर्मू देश की पहली आदिवासी राज्यपाल भी बनी थीं।

मंगलवार को विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद का अपना उम्मीदवार घोषित किया। जैसे ही विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को अपना उम्मीदवार तय किया वैसे ही एनडीए ने अपना ट्रम्प कार्ड छोड़ दिया। और विपक्ष के विवेक पर यह छोड़ दिया कि या तो वे उसके उम्मीदवार को समर्थन करें या फिर उसके फेंके गये राजनीतिक चाल में फंस जायें। लेकिन यहां राजनीति से ऊपर सोचने की जरूरत होगी। दौपदी मुर्मू एक सुलझी हुई राजनीतिज्ञ हैं। देशहित और आदिवासी हितों में कैसे सामंजस्य रखा जा सकता है, यह उन्हें खूब आता है। रघुवर दास और हेमंत सोरेन के शासन काल में उन्हें झारखंड को उन्हें राज्यपाल के रूप में देखने का सौभाग्य प्राप्त रहा है। इस दौरान उन्होंने आदिवासी हितों को देखते हुए कुछ विधेयकों का समर्थन और विरोध भी कर चुकी हैं।

2015 में बनीं थीं झारखंड की राज्यपाल

द्रौपदी मुर्मू 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल रही हैं। द्रौपदी मुर्मू झारखंड गठन के बाद अपना कार्यकाल पूरा करने वाली पहली राज्यपाल हैं। वह 6 साल 1 महीने 18 दिन झारखंड की राज्यपाल रहीं। भाजपा की रघवुर दास सरकार ने द्रौपदी मुर्मू ने सीएनटी-एसपीटी संशोधन विधेयक सहित कई विधेयकों को सरकार को वापस लौटाने का बड़ा कदम उठाया। हेमंत सोरेन की सरकार में भी द्रौपदी मुर्मू ने कई आपत्तियों के साथ जनजातीय परामर्शदातृ समिति के गठन से संबंधित फाइल लौटाई थीं।

द्रौपदी मुर्मू का राजनीतिक सफर

द्रौपदी मुर्मू का सम्बंध ओडिशा राज्य से है। द्रौपदी मुर्मू ने अपना राजनीतिक सफर पार्षद रहते हुए शुरू किया था। 1997 में वह पहली बार नगर पंचायत का चुनाव जीत कर पहली बार स्थानीय पार्षद बनी। 2000 में वह रायरंगपुर के उसी निर्वाचन क्षेत्र से राज्य विधानसभा के लिए चुनी गईं।  भाजपा और बीजू जनता दल गठबंधन सरकार के दौरान 6 मार्च, 2000 से 6 अगस्त, 2002 तक वाणिज्य और परिवहन की और 6 अगस्त, 2002 से 16 मई, 2004 तक मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास राज्य मंत्री रह चुकी हैं।

द्रौपदी मुर्मू 20 जून 1958 को ओडिशा में एक आदिवासी परिवार में पैदा हुईं थीं। उन्होंने रामा देवी विमेंस कॉलेज से स्नातक किया। इसके बाद द्रौपदी ने ओडिशा के राज्य सचिवालय से नौकरी की शुरुआत की। उनका विवाह श्याम चरण मुर्मू के साथ हुआ है।

टीवी पर नाम सुनकर आश्चर्यचकित रह गयीं द्रौपदी मुर्मू

भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाने पर झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू आश्चर्यचकित रह गयीं। उन्हें टीवी से अपने राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाये जाने का  पता चला। उन्होंने इस पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि एक जनजातीय महिला को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित कर भाजपा ने अपनी नीति स्पष्ट कर दी है।

फिर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार होने के कारण सभी के सहयोग की कामना करती हूं और उन्हें विश्वास है कि उन्हें आवश्यक सहयोग प्राप्त होगा ।

राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू अगर जीत दर्ज करती हैं तो वह भारत की सबसे युवा राष्ट्रपति होंगी। फिलहाल अभी सबसे युवा राष्ट्रपति बनने का रिकॉर्ड नीलम संजीव रेड्डी के पास है।

यह भी पढ़ें: President Election: यशवंत सिन्हा होंगे विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार! औपचारिक घोषणा अभी बाकी


 

Related posts

अचर्चित-अल्पचर्चित नायकों को सम्मान देने का अवसर है ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ : अन्नपूर्णा देवी

Pramod Kumar

India Ki Udaan: गूगल पर दिखेगा देश की आजादी की 75 साल का सफर

Pramod Kumar

Jharkhand Republic Day: दुमका में सीएम हेमंत ने शान से लहराया तिरंगा, वीरों-शहीदों को किया याद, उपलब्धियां भी गिनायीं

Pramod Kumar