समाचार प्लस
Breaking देश बिहार

दीपावली बाद का सूर्यग्रहण इसलिए है खास! चूके तो फिर 2027 में ही देख पायेंगे अगला सूर्यग्रहण

Post Diwali solar eclipse special! If you miss then you will be able to see the next solar eclipse only in 2027

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

दीपावली के दूसरे दिन यानी 25 अक्टूबर 2022 (3 कार्तिक, शक संवत 1944) को आंशिक सूर्य ग्रहण लगने वाला है। दीपावली के बाद लगने वाला यह सूर्यग्रहण एक कारण से बेहद खास है। क्योंकि इसके बाद भारत के लोग 2027 में भी सूर्यग्रहण देख पायेंगे। भारत में सूर्यास्त के पहले ग्रहण आरम्भ होगा तथा इसे अधिकांश स्थानों से देखा जा सकेगा। हांलाकि ग्रहण अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा उत्तर-पूर्व भारत के कुछ स्थानों (जिनमें से कुछ के नाम हैं आइजॉल, डिब्रूगढ़, इम्फाल, इटानगर, कोहिमा, सिबसागर, सिलचर, तामलोंग इत्यादि) से दिखाई नहीं देगा। ग्रहण का अंत भारत में दिखाई नहीं देगा क्योंकि वह सूर्यास्त के उपरांत भी जारी रहेगा।भारत में उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम ग्रहण के समय सूर्य पर चंद्रमा द्वारा आच्छादन लगभग 40 से 50 प्रतिशत के बीच होगा। देश के अन्य हिस्सों में आच्छादन का प्रतिशत उपरोक्त मान से कम होगा।

दिल्ली एवं मुम्बई में अधिकतम ग्रहण के समय चंद्रमा द्वारा सूर्य के आच्छादन का प्रतिशत क्रमश: 44 प्रतिशत एवं 24 प्रतिशत के लगभग होगा। ग्रहण की अवधि प्रारम्भ से लेकर सूर्यास्त के समय तक दिल्ली और मुम्बई में क्रमश: 1 घंटे 13 मिनट तथा 1 घंटे 19 मिनट की होगी। चेन्नई एवं कोलकाता में ग्रहण की अवधि प्रारम्भ से लेकर सूर्यास्त के समय तक क्रमश: 31 मिनट तथा 12 मिनट की होगी। ग्रहण यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका के उत्तर-पूर्वी हिस्सों, पश्चमी एशिया, उत्तर अटलांटिक महासागर तथा उत्तर हिंद महासागर के क्षेत्रों में दिखाई देगा।

भारत में अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को दिखाई देगा, जो पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। देश के सभी हिस्सों से वह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में परिलक्षित होगा।

रांची और पटना में सूर्यग्रहण का समय
  • रांची- आंशिक सूर्यग्रहण आरम्भ – अपराह्न 4.48 बजे, ग्रहण, सूर्यास्त- सायं 5.15 बजे
  • पटना- आंशिक सूर्यग्रहण आरम्भ – अपराह्न 4.42 बजे, ग्रहण, सूर्यास्त- सायं 5.14 बजे

चूंकि सूर्यग्रहण का मोक्षकाल भारत में नहीं है, इसलिए भारत में सूर्यास्त को ही मोक्षकाल माना जायेगा।

अगला सूर्यग्रहण कब
  • 25 अक्टूबर, 2022- आंशिक सूर्यग्रहण (भारत में दिखेगा)
  • 20 अप्रैल, 2023- पूर्ण सूर्यग्रहण (भारत में नहीं दिखेगा)
  • 14 अक्टूबर, 2023- वलयाकार सूर्यग्रहण (भारत में नहीं दिखेगा)
  • 08 अप्रैल, 2024- पूर्ण सूर्यग्रहण (भारत में नहीं दिखेगा)
  • 02 अक्टूबर, 2024- वलयाकार सूर्यग्रहण (भारत में नहीं दिखेगा)
  • 29 मार्च, 2025- आंशिक सूर्यग्रहण (भारत में नहीं दिखेगा)
  • 21 सितम्बर, 2025- आंशिक सूर्यग्रहण (भारत में नहीं दिखेगा)
  • 17 फरवरी, 2026- वलयाकार सूर्यग्रहण (भारत में नहीं दिखेगा)
  • 12 अगस्त, 2026- पूर्ण सूर्यग्रहण (भारत में नहीं दिखेगा)
  • 06 फरवरी, 2027- वलयाकार सूर्यग्रहण (भारत में नहीं दिखेगा)
  • 02 अगस्त, 2027- पूर्ण सूर्यग्रहण (भारत में आंशिक ग्रहण दिखेगा)
सूर्यग्रहण पर क्या बरतें सावधानी

सूर्य ग्रहण को थोड़ी देर के लिए भी खाली आंखों से नहीं देखा जाना चाहिए। चंद्रमा सूर्य के अधिकतम हिस्सों को ढंक दे तब भी इसे खाली आंखों से न देखें क्योंकि यह आंखों को स्थाई नुकसान पहुंचा सकता है जिससे अंधापन हो सकता है। सूर्य ग्रहण को देखने की सबसे सही तकनीक है ऐलुमिनी माइलर, काले पॉलिमर, 14 नं. शेड के झलाईदार कांच का उपयोग कर अथवा टेलेस्कोप के माध्यम से श्वेत पट पर सूर्य की छाया का प्रक्षेपण कर इसे देखना।

यह भी देखें: Jharkhand: झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स प्रतिनिधियों ने सीएम हेमंत से की बिना नक्शा वाले मकानों के नियमितीकरण की मांग

Related posts

CRPF का जवान कराता था नक्सलियों व गैंगस्टरों को हथियार व कारतूस उपलब्ध, गिरफ्तार

Manoj Singh

Hemant Soren Jharkhand: क्या वाकई सीएम हेमंत सोरेन इस्तीफा देकर, फिर से साबित करेंगे बहुमत सिद्ध, क्या कहता है संविधान?

Pramod Kumar

22 जून से देश में कोरोना की चौथी लहर? आईआईटी कानपुर ने तीसरी लहर की भी की थी भविष्यवाणी

Pramod Kumar