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पुलिसकर्मियों ने जज पर हमला कर हाईकोर्ट को किया नाराज, ‘न्यायपालिका पर हमले’ का डीजीपी से मांगा जवाब

Attack on ADJ Madhubani

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

बिहार के मधुबनी जिले के एडीजे अविनाश कुमार का एक फैसला दो पुलिसकर्मियों को इतना चुभ गया कि उन्होंने जज पर ही हमला बोल दिया। दोनों पुलिसकर्मी न सिर्फ बेधड़क कमरे में घुसे, बल्कि जज के ऊपर अपनी सर्विस रिवाल्वर तान दी। कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मियों के हाथों कोई ‘अनर्थ’ हो जाता, इससे पहले वहां मौजूद वकीलों ने उन्हें  बचा लिया। अब देखना है कि हाईकोर्ट के हाथों ये पुलिसकर्मी कैसे बचते हैं। हाईकोर्ट ने मामले पर स्वतः संज्ञान ले लिया है और उसकी भृकुटि भी तनी हुई है। बता दें, देशभर में जजों और वकीलों पर हो रहे हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट वैसे ही गंभीर है। धनबाद के एडीजे उत्तम आनन्द की रहस्यमय मौत का मामला अभी गर्म ही चल रहा है।

बता दें. एडीजे अविनाश कुमार अपने फैसलों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने पुलिस विभाग पर एक सख्त टिप्पणी की थी कि एसपी को कानून की जानकारी नहीं है और उन्हें प्रशिक्षण लेने का आदेश दिया। जज के इसी तल्ख बयान को लेकर दोनों पुलिसकर्मी नाराज हो गये और जज पर हमलावर हो गये।

पटना हाईकोर्ट ने डीजीपी को किया तलब

पुलिसकर्मियों की बदसलूकी पर पटना हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तलब किया था। मधुबनी जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पत्र के आलोक में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर न्यायमूर्ति राजन गुप्ता और न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह की पीठ ने मामले पर सुनवाई की। हालांकि अगली सुनवाई 29 नवंबर तय कर दी गयी है, लेकिन पीठ ने डीजीपी से निजी तौर पर उपस्थित रहने का आदेश दिया है। पीठ ने डीजीपी से इस सिलसिले में मामला दर्ज करने और की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश करने को कहा है।

दो पुलिस कर्मियों ने एडीजे पर किया था हमला

बताया जाता है कि गुरुवार को अपराह्न लगभग दो बजे घोघरडीहा थाना के प्रभारी गोपाल कृष्ण और अवर निरीक्षक अभिमन्यु कुमार शर्मा झंझारपुर में पदस्थापित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) अविनाश कुमार के कक्ष में घुस गये और उन्हें अपशब्द कहने लगे। न्यायाधीश अविनाश ने जब विरोध किया तब दोनों पुलिसकर्मियों ने उन पर अपनी सर्विस रिवॉल्वर तान दी। अदालत में मौजूद कुछ कर्मचारियों और वकीलों ने पुलिसकर्मियों से जज की जान बचायी।

इस घटना को पटना उच्च न्यायालय की पीठ ने प्रथम दृष्टया न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला माना और राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह विभाग के प्रधान सचिव और मधुबनी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी।

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