समाचार प्लस
Breaking देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

संविधान दिवस पर पीएम मोदी की चिंता: वर्षों से एक परिवार के कब्जे में राजनीति

Samvidhan Divas PM Modi

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

संविधान दिवस पर संसद के सेन्ट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने भारतीय संविधान पर गर्व किया तो वर्तमान राजनीति पर चिंता भी जतायी। उनकी सबसे बड़ी चिंता यह भी थी कि आजादी और संविधान निर्माण के इतने वर्ष गुजर जाने के बाद भी संविधान को याद करने के लिए किसी के पास वक्त नहीं था। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा संविधान अनेक धाराओं के संग्रह के साथ सहस्रों वर्षों की महान परंपरा भी है। इसमें प्राचीनता भी है और आधुनिक अभिव्यक्ति भी है। मगर संविधान को समर्पित लोगों की इसकी चिंता नहीं करने पर चिंता भी जतायी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की चिंता करने के बजाय परिवार की चिंता की गयी। उन्होंने कहा कि योग्यता के आधार पर एक परिवार से एक से अधिक लोग आते हैं तब पार्टी परिवारवादी होती, लेकिन एक पार्टी राजनीति में पीढ़ी दर पीढ़ी इसलिए है, क्योंकि उसे राजनीति में रहना है।

संविधान और बाबा साहेब को याद नहीं करने से दुःखी

पीएम ने कहा कि हम संविधान दिवस इसलिए नहीं मनाते, क्योंकि यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। बल्कि हम संविधान के रास्ते पर कितना सही चल सके हैं, इसका मूल्यांकन करने का भी एक अवसर है। लेकिन ऐसा अवसर पहले बनने नहीं दिया गया। पीएम ने कहा कि बाबासाहेब अम्बेडकर की 125वीं जयंती थी, तब हम सबको लगा इससे बड़ा पवित्र अवसर क्या हो सकता है कि बाबासाहेब अम्बेडकर ने जो इस देश को जो नजराना दिया है, उसको हम हमेशा एक स्मृति ग्रंथ के रूप में याद करते रहें।

26/11 के शहीदों को किया याद

संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री ने 26/11 की घटना को भी याद किया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए एक ऐसा दुःखद दिवस है, जब देश के दुश्मनों ने देश के भीतर आकर मुंबई में आतंकवादी घटना को अंजाम दिया। देश के वीर जवानों ने आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपना जीवन बलिदान कर दिया। आज उन बलिदानियों को मैं नमन करता हूं।

लोकतांत्रिक कैरेक्टर खोते राजनीतिक दलों पर भी प्रहार

संविधान दिवस के इस पावन मौके पर पीएम मोदी लोकतांत्रिक कैरेक्टर खोते राजनीतिक दलों पर भी प्रहार करने से नहीं चूके। उन्होंने साफ-साफ कहा कि इन राजनीतिक दलों के कारण संविधान की एक-एक धारा को गंभीर चोट पहुंची है। जो दल अपना लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो चुके है, वे लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: Corona New Variant के डर से भारत के शेयर मार्केट में मचा हाहाकार, सेंसेक्स ने लगाया 1689 अंक का गोता

Related posts

अररिया में दर्दनाक हादसा : तेज रफ्तार ट्रक ने यात्रियों से भरे ऑटो को मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत, 6 घायल

Manoj Singh

 ‘आपके अधिकार-आपकी सरकार आपके द्वार’ पर हेमंत सरकार रेस, 15000 आवेदनों का त्वरित निष्पादन

Pramod Kumar

सीएम हेमंत ने राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना नियमावली-2021 प्रस्ताव को दी मंजूरी, मंत्रिमंडल की ली जाएगी स्वीकृति

Pramod Kumar

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.