समाचार प्लस
Breaking देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

‘मन की बात’ में बोले PM Modi- कोरोना के नए वेरिएंट ने दी दस्तक, मिलकर लड़ाई का लें संकल्प

PM Modi said in 'Mann Ki Baat'

PM Modi  ने आज (रविवार को) साल 2021 में आखिरी बार देशवासियों से अपने कार्यक्रम मन की बात के जरिए बात की. प्रधानमंत्री ने मन की बात में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट Omicron समेत कई मुद्दों पर चर्चा की.

कुछ और बेहतर करने, बेहतर बनने के संकल्प लें 

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi)ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों इस समय आप 2021 की विदाई और 2022 के स्वागत की तैयारी में जुटे ही होंगे. नए साल पर हर व्यक्ति, हर संस्था, आने वाले साल में कुछ और बेहतर करने, बेहतर बनने के संकल्प लेते हैं. पिछले सात सालों से हमारी ये ‘मन की बात’ भी व्यक्ति की, समाज की, देश की अच्छाइयों को उजागर कर और अच्छा करने और अच्छा बनने की प्रेरणा देती आई है. पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि हमारी बहुरत्ना वसुंधरा के पुण्य कार्यों का अविरल प्रवाह, निरंतर बहता रहता है. आज जब देश ‘अमृत महोत्सव’ मना रहा है तो ये जो जनशक्ति है, जन-जन की शक्ति है उसका उल्लेख, उसके प्रयास, उसका परिश्रम, भारत के और मानवता के उज्जवल भविष्य के लिए एक तरह से गारंटी देता है.

“सजगता Omicron के खिलाफ देश की बहुत बड़ी शक्ति है”

प्रधानमंत्री ने कहा कि साथियों हमें ये भी ध्यान रखना है कि कोरोना का एक नया वैरिएंट दस्तक दे चुका है. पिछले दो वर्षों का हमारा अनुभव है कि इस वैश्विक महामारी को परास्त करने के लिए एक नागरिक के तौर पर हमारा खुद का प्रयास बहुत महत्वपूर्ण है. ये जो नया Omicron वैरिएंट आया है, उसका अध्ययन हमारे वैज्ञानिक लगातार कर रहे हैं. हर रोज नया डेटा उन्हें मिल रहा है, उनके सुझावों पर काम हो रहा है. ऐसे में स्वयं की सजगता, स्वयं का अनुशासन, कोरोना के इस वैरिएंट के खिलाफ देश की बहुत बड़ी शक्ति है.

“सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत कई वीरों को खो दिया”

पीएम ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों महाभारत के युद्ध के समय भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कहा था, ‘नभः स्पृशं दीप्तम्’ यानी गर्व के साथ आकाश को छूना. ये भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य भी है. ऐसा ही एक जीवन रहा ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का. वरुण सिंह उस हेलीकॉप्टर को उड़ा रहे थे जो इस महीने तमिलनाडु में हादसे का शिकार हो गया. उस हादसे में हमने देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत कई वीरों को खो दिया. वरुण सिंह भी मौत से कई दिन तक जांबाजी से लड़े लेकिन फिर वो भी हमें छोड़कर चले गए.

 वरुण सिंह के लिखे चिट्ठी का जिक्र किया  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वरुण जब अस्पताल में थे, उस समय मैंने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा देखा जो मेरे ह्रदय को छू गया. इस साल अगस्त में ही उन्हें शौर्य चक्र दिया गया था. इस सम्मान के बाद उन्होंने अपने स्कूल के प्रिंसिपल को एक चिट्ठी लिखी थी. इस चिट्ठी को पढ़कर मेरे मन में पहला विचार यही आया कि सफलता के शीर्ष पर पहुंचकर भी वे जड़ों को सींचना नहीं भूले. दूसरा विचार ये आया कि जब उनके पास सेलिब्रेट करने का समय था तो उन्होंने आने वाली पीढ़ियों की चिंता की. वो चाहते थे कि जिस स्कूल में वो पढ़े, वहां के विद्यार्थियों की जिंदगी भी एक सेलिब्रेशन बने.पीएम मोदी ने कहा कि अपने पत्र में वरुण सिंह ने अपने पराक्रम का बखान नहीं किया बल्कि अपनी असफलताओं की बात की. कैसे उन्होंने अपनी कमियों को काबिलियत में बदला, इसकी बात की.

ग्रीस के छात्रों का उल्लेख किया जिन्होंने ‘वंदे मातरम’ गाया

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ में अब मैं आपको कुछ सुनाने जा रहा हूं जो सरहद के पार कहीं बहुत दूर से आई है. ये आपको आनंदित भी करेगी और हैरान भी कर देगी! मुझे पूरा विश्वास है कि ये सुनकर आपको बहुत अच्छा लगा होगा, गर्व की अनुभूति हुई होगी. वंदे मातरम में जो भाव निहित है वो हमें गर्व और जोश से भर देता है.पीएम ने कहा कि आप ये जरूर सोच रहे होंगे कि आखिर ये खूबसूरत वीडियो कहां का है, किस देश से आया है? इसका जवाब आपकी हैरानी और बढ़ा देगा. वंदे मातरम प्रस्तुत करने वाले ये स्टूडेंट ग्रीस के हैं. वहां वे इलिया के हाई स्कूल में पढ़ाई करते हैं. उन्होंने जिस खूबसूरती और भाव के साथ ‘वंदे मातरम’ गाया है वो अद्भुत और सराहनीय है. ऐसे ही प्रयास दो देशों के लोगों को और करीब लाते हैं. मैं Greece के इन छात्र- छात्राओं और उनके Teachers का अभिनंदन करता हूं. आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान किए गए उनके प्रयास की सराहना करता हूं.

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव हमें आजादी की जंग की स्मृतियों को जीने का अवसर देता है, उसको अनुभव करने का अवसर देता है. ये देश के लिए नए संकल्प लेने का, कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति दिखाने का, प्रेरक उत्सव है, प्रेरक अवसर है. आइए स्वतंत्रता संग्राम की महान विभूतियों से प्रेरित होते रहें, देश के लिए अपने प्रयास और मजबूत करते रहें.

किताबें सिर्फ ज्ञान ही नहीं देतीं बल्कि व्यक्तित्व भी संवारती हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा भारत अनेक असाधारण प्रतिभाओं से संपन्न है, जिनका कृतित्व दूसरों को भी कुछ करने के लिए प्रेरित करता है. किताबें सिर्फ ज्ञान ही नहीं देतीं बल्कि व्यक्तित्व भी संवारती हैं, जीवन को भी गढ़ती हैं. किताबें पढ़ने का शौक एक अद्भुत संतोष देता है आजकल मैं देखता हूं कि लोग ये बहुत गर्व से बताते हैं कि इस साल मैंने इतनी किताबें पढ़ीं. अब आगे मुझे ये किताबें और पढ़नी हैं. ये एक अच्छा Trend है, जिसे और बढ़ाना चाहिए.

ये भी पढ़ें : PM Modi on Omicron: 15-18 साल के बच्चों को 3 जनवरी से लगेगी कोरोना की वैक्सीन, PM Modi का ऐलान

 

Related posts

Lohardaga: ‘आत्मसमर्पण नीति नई दिशा’ के तहत दो नक्सलियों ने किया आत्मसर्पण

Pramod Kumar

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर झारखंडवासियों को शुभकामनाएं दीं

Pramod Kumar

राजस्थान में सत्ता संतुलन का प्रयास : Gehlot Cabinet में आज फेरबदल, 15 नए मंत्री लेंगे शपथ

Manoj Singh