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तीन दिन के अमेरिकी दौरे के बाद स्वदेश लौटे पीएम मोदी, जानिए इस दौरे से भारत को क्या हासिल हुआ

न्यूज़ डेस्क/ समाचार प्लस झारखंड -बिहार
तीन दिन के अमेरिकी दौरे की समाप्ति के बाद प्रधानमंत्री मोदी भारत लौट गए हैं। दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई नेताओं ने पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया। वहीं पीएम मोदी ने भी वहां मौजूद लोगों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान जेपी नड्डा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी की पांच दिवसीय अमेरिकी यात्रा यह साबित करती है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया भारत को अलग तरह से देखती है। करोड़ों भारतीयों की ओर से, हम उनका वापस स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ पीएम मोदी की दोस्ती नई नहीं है, उनका पुराना रिश्ता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी यही दोहराया।

पहली बार व्यक्तिगत रूप से क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा के साथ पहली बार व्यक्तिगत रूप से क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लिया। अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। माना जा रहा है कि अपनी इस अमेरिकी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व के कई नेताओं और कॉर्पोरेट जगत के बड़े लोगों के साथ बैठक करके भारत को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में अग्रणी पंक्ति में खड़ा कर दिया है। यहां हम जानेंगे मोदी के इस यात्रा से भारत को क्या लाभ मिला।

बड़ी कंपनियों के सीईओ के साथ मिले,अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अमेरिका दौरे के पहले ही दिन कई बड़ी कंपनियों के सीईओ के साथ मुलाकात की। पीएम मोदी से मिलकर सभी कारोबारियों ने दिल खोलकर भारत की तारीफ की। सभी ने भारत के प्रति विश्वास जताया। कारोबारियों ने कहा कि पीएम मोदी के विजन को जानने की हमेशा से इच्छा होती है और ये मुलाकात बेहतरीन थी। कई बिजनेसमैन ने भारत में निवेश करने की इच्छा भी जताई। पीएम मोदी ने अमेरिकी कंपनियों से भारत में मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट्स लगाने के लिए भी कहा। अगर अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश करती हैं तो इससे न केवल अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी बल्कि, देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने पाकिस्तान को लताड़ लगाई

पीएम मोदी ने अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से वाइट हाउस में मुलाकात कर एक बड़े मिथक को तोड़ दिया। पहले ऐसा कहा जाता था कि कमला हैरिस और जो बाइडन का पीएम मोदी के प्रति नजरिया उतना अच्छा नहीं है। लेकिन, इस मुलाकात के बाद जो तस्वीरें दिखाई दी, उससे न केवल मोदी विरोधियों बल्कि पाकिस्तान के लिए भी कड़ा संदेश माना गया। कमला हैरिस ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद आतंकवाद पर पाकिस्तान को लताड़ भी लगाई। पीएम मोदी ने कमला हैरिस को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।

बाइडन से मिल भारत-अमेरिका संबंधों की नई इबारत लिखी

पीएम मोदी ने वाइट हाउस में राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। जो बाइडन खुद पीएम मोदी को कुर्सी तक लेकर गए और उन्हें बैठाया। इस दौरान बाइडन ने भारत-अमेरिका संबंधों के दशकों तक चलने वाली रूपरेखा को स्पष्ट किया। उन्होंने यहां तक कहा कि 2006 में मैंने उपराष्ट्रपति रहते हुए ऐलान किया था कि 2020 के बाद भारत-अमेरिका के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे। बाइडन ने कमला हैरिस के भारतीय मूल के होने का जिक्र भी किया। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि भारत और अमेरिका के बीच आपसी संबंध अब नई ऊंचाइयों को छुएंगे।

क्वाड की बैठक से चीन को सख्त संदेश दिया

पीएम मोदी ने वाइट हाउस में आयोजित क्वाड की पहली प्रत्यक्ष बैठक में हिस्सा भी लिया। इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, जापानी प्रधानमंत्री योशिहिडे सुगा और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भी हिस्सा लिया। सभी नेताओं ने स्वतंत्र और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक को लेकर अपनी प्रतिबद्धताओं को उजागर किया। साथ में अप्रत्यक्ष रूप से चीन की विस्तारवादी और आक्रामक नीतियों की आलोचना भी की। क्लाइमेट चेंज, कोरोना महामारी और आतंकवाद को लेकर भी सभी देशों ने साथ काम करने की बात कही।

संयुक्त राष्ट्र से पीएम मोदी ने पाक-चीन को घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद और कोरोना महामारी पर दो टूक बातें सुनाई। उन्होंने सख्त लहजे में अफगानिस्तान की जमीन का किसी भी देश के खिलाफ इस्तेमाल न करने की बात की। इसके अलावा उन्होंने कोरोना महामारी की उत्पत्ति जैसे मुद्दे को उठाया। पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में सुधारों में हो रहे विलंब को लेकर भी खरी-खरी सुनाई। मोदी ने अपने भाषण के दौरान भारत में विकास की गाथा को पूरी दुनिया के सामने भी रखा।

कोविड पर वैश्विक सम्मेलन को भी किया संबोधित

पीएम मोदी ने बुधवार को अमेरिका में कोविड-19 पर आयोजित एक वैश्विक सम्मेलन को डिजिटल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने वैक्सीनेशन को लेकर की जाने वाले भेदभाव को खत्म करने पर भी जोर दिया। पीएम मोदी ने वैश्विक समुदाय से वैक्सीन के सर्टिफिकेट को पारस्परिक मान्यता देने की अपील भी की। उन्होंने वैक्सीन निर्माण के लिए कच्चे माल की उपलब्धता को बढ़ाने पर भी जोर दिया। इस समय वैक्सीन की मान्यता को लेकर कई देशों ने कड़े नियम लागू किए हुए हैं। इस कारण दुनिया की बहुत बड़ी आबादी प्रभावित हुई है।

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