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Ganga Expressway का पीएम मोदी ने रखा आधार, यूपी में कृषि और उद्योग को मिलेगी तेज रफ्तार

PM Modi Ganga Expressway

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस –झारखंड-बिहार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में करीब 600 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के पहले चरण की आधारशिला रखी।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे ग्राउंड में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह एक्सप्रेस वे यूपी की प्रगति का द्वार खोलने का काम करेगा। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और यूपी आधुनिक राज्य के रूप में अपनी पहचान बनायेगा।

गंगा एक्सप्रेस की यह आधारशिला उत्तर प्रदेश के कृषि और उद्योगों की भी आधारशिला का काम करेगी। प्रोजेक्ट के पहले चरण में छह लेन वाला 594 किलोमीटर एक्सप्रेस वे बनना है। यह एक्सप्रेस-वे मेरठ के बिजौली गांव के पास से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांडू गांव तक जाएगा। दूसरे चरण में प्रयागराज से बलिया तक गंगा के किनारे 316 किलोमीटर एक्सप्रेस वे बनना है। दूसरा चरण पूरा हो जाने के बाद इस एक्सप्रेस वे की लम्बाई 1020 किलोमीटर हो जायेगी। इस समय दिल्ली के तिगड़ी से यूपी बॉर्डर तक 110 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे भी बनेगा।

प्रथम चरण के प्रोजेक्ट पर 36,200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। माना जा रहा है कि 2025 तक इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा। एक्सप्रेस-वे के साथ एक औद्योगिक गलियारा और ट्रॉमा सेंटर बनाने का भी प्रस्ताव है।

शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी भी बनेगी

यह एक्सप्रेस वे राज्य के पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों को जोड़ने का काम करेगा। पूरी तरह से निर्मित होने के बाद, यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे भी होगा। गंगा एक्सप्रेस-वे पर शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी भी बनाई जाएगी। जो वायु सेना के विमानों को आपातकालीन उड़ान भरने और उतरने में सहायता प्रदान करेगी। एक्सप्रेस-वे पर कई जगह हेलीपैड्स बनाने की भी योजना है, ताकि वहां से एयर एम्बुलेंस की सुविधा शुरू की जा सके।

इन शहरों को जोड़ेगा गंगा एक्सप्रेस-वे

मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। इस एक्सप्रेस-वे के लिए जरूरी 518 ग्राम पंचायतों की 7368 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण का करीब 96 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस पर चलने वाले वाहनों की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रतिघंटा तय की गई है। इससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे से औद्योगिक विकास, व्यापार, कृषि, पर्यटन आदि क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

कृषि और उद्योगों को क्या मिलेगा फायदा?

गंगा एक्सप्रेस वे देश के सबसे ऊपजाऊ क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। इसका सीधा फायदा कृषि क्षेत्र और उद्योगों को होगा। विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस वे कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला होगा और क्षेत्र में औद्योगीकरण के विकास का काम करेगा। चूंकि यह एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरेगा, इसलिए इन इलाकों के किसानों, उद्यमियों और आम लोगों को इसका फायदा मिलना तय है। कृषि समृद्ध होगी तो कृषि आधारित औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी। यानी यह एक्सप्रेस वे परियोजना क्षेत्र के औद्योगीकरण के विस्तार को रीढ़ प्रदान करेगी।

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